डीइओ ने कहा, जल्द होगा खाद्यान्न का वितरण
कम हो गयी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति
औरंगाबाद नगर : सरकारी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना लागू की गयी थी. इसका फायदा भी जिले के विद्यालयों में देखने को मिला. लेकिन, खाद्यान्न नहीं रहने के कारण जिले के 544 प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना पिछले 15 दिनों से बंद है. इसके कारण जहां बच्चों में मायूसी देखी जा रही है, वहीं अभिभावकों में भी विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश है.
मध्याह्न भोजन बंद रहने के पीछे का कारण यह है कि पिछले दो माह से खाद्यान्न का उठाव नहीं हो सका था, जिसके कारण विद्यालयों में चावल के अभाव में मध्याह्न भोजन बंद हो गया. इससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे दोपहर में खाना खाने के लिए घर चले जाते हैं और फिर विद्यालय में पढ़ने के लिए नहीं आते हैं. हालांकि, दो दिन पूर्व डीएम कंवल तनुज ने शिक्षा विभाग के बैठक के दौरान संबंधित पदाधिकारी को अविलंब खाद्यान्न उठाव कराते हुए मध्याह्न भोजन चालू करने का निर्देश दिया था.
बावजूद शनिवार को खाद्यान्न का उठाव नहीं हो सका.
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम ने कहा कि ठेकेदार के नये सिरे से चयन की प्रक्रिया होने के कारण खाद्यान्न वितरण में विलंब हुआ था. लेकिन, ठेकेदार का चयन हो गया है. सोमवार से खाद्यान्न का वितरण ठेकेदार के माध्यम से कराया जायेगा और बंद पड़े मध्याह्न भोजन को चालू कराया जायेगा.
