औरंगाबाद सांसद ने मंत्री को लिखा पत्र
गया-औरंगाबाद : गया हवाई अड्डे में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होने के लिए जरूरी कई विशेषताएं मौजूद हैं. यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन होता भी है. बहुत लोग मानते भी हैं कि यह एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है. पर, वस्तुत: ऐसा है नहीं. क्योंकि, सरकारी तौर पर इसे ऐसी मान्यता नहीं है. इसे महज कस्टम एयरपोर्ट का दर्जा दिया गया है. लेकिन, इसके महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिया जाना चाहिए. ये बातें औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह द्वारा नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू को लिखे एक पत्र में कही गयी हैं.
सांसद ने अपने पत्र में कहा है कि गया एयरपोर्ट पर कई बौद्ध देशों से हवाई जहाज पहुंचते हैं. पर्यटन सीजन में तो यहां हर सप्ताह करीब दो दर्जन यात्री विमान आते-जाते हैं. रंगून के लिए यहां से वर्षभर हवाई सेवा उपलब्ध रहती है. हज के लिए करीब दो महीने तक यहां से ही फ्लाइट्स उपलब्ध कराये जाते हैं. गया एयरपोर्ट पर ऑनलाइन वीजा की भी सुविधा उपलब्ध है. मंत्री को लिखे पत्र में सांसद श्री सिंह ने कहा है कि गया आने-जानेवाले विमानों में यात्रियों की संख्या भी पर्याप्त रहती है, जिससे सरकारी राजस्व भी मिल रहा है. ऐसे में इस हवाई अड्डे को अविलंब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दरजा दिया जाना चाहिए.
गया में हो सियालदह दुरंतो का ठहराव : औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह ने रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु को एक पत्र लिख कर नयी दिल्ली-सियालदह दुरंतो एक्सप्रेस का गया जंकशन पर ठहराव सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. सांसद ने कहा है कि जैन व बौद्ध धर्मावलंबियों के इंटरेस्ट से जुड़नेवाले कई तीर्थस्थल गया से करीब हैं. धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण इन जगहों तक पहुंचने के लिए गया जंकशन सबसे सुविधाजनक लोकेशन है. यहां प्रतिदिन हजारों तीर्थयात्री देश के कोने-कोने से पहुंचते हैं.
