अपील. संसा में प्रभात खबर के ‘बेटी बचाओ’ अभियान कार्यक्रम में बोले बीडीओ
ज्ञान व सुरक्षा हो, तो बेटियां रहेंगी सुरक्षित
सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए चला रही बहुत सारी योजनाएं
दाउदनगर (अनुमंडल) : भ्रूण हत्या की स्थिति ही न होने उत्पन्न दें. प्रण कर लें कि हम दो ही बच्चे रखेंगे, चाहे वह बेटा हो या बेटी. उक्त बातें बीडीओ अशोक प्रसाद ने दाउदनगर प्रखंड के संसा पंचायत मुख्यालय स्थित संसा प्राथमिक विद्यालय में प्रभात खबर द्वारा आयोजित बेटी बचाओ अभियान का उद्घाटन करते हुए कही. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए बहुत सारी योजनाएं चलायी जा रही हैं.
बेटियों को पढ़ाये. वे बहुत आगे जायेंगी. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि समाज में असुरक्षा की भावना को समाप्त करना होगा. ज्ञान व सुरक्षा हो तो बेटियां सुरक्षित रहेंगी. अपनी मानसिकता में बदलाव लाना होगा. महिलाएं यदि खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं तो उसका कारण पुरुष ही हैं. स्वास्थ्य प्रबंधक शैलेश कुमार ने कहा कि भ्रूण हत्या कर बेटी को जन्म लेने से पहले ही रोक दिया जा रहा है. बेटी को समाप्त करने के लिए जन्म के बाद भी बहुत सारे हथकंडे अपनाये जा रहे हैं.
इस मानसिकता को समाप्त करना होगा. बेटी को पढा-लिखा कर इस काबिल बनाये कि कोई भी वर पक्ष वाला दहेज मांगने के काबिल न रहे. बीसीएम शशिकांत कुमार ने कहा कि यदि कही भ्रूण जांच व भ्रूण हत्या की जा रही है तो इसकी गोपनीय सूचना दें. बीआरपी डाॅ अशोक कुमार ने कहा कि भ्रूण हत्या जैसी कुरीति का जड़ अशिक्षा है. अशिक्षा को जड़ से समाप्त करना होगा. साक्षर भारत मिशन के प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक डाॅ संजय कुमार सिंह ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं है. हम शपथ लें कि अपने बेटे की शादी बिना दहेज के करेंगे. बहुत सारे अभिभावक दहेज के कारण डरते हैं.
यह भावना समाप्त करनी होगी. समाज से अशिक्षा को मिटाना होगा. पूर्व मुखिया देववंश ठाकुर ने कहा कि बेटी प्रकृति के उपहार है. बेटी नहीं तो सृष्टि नहीं रहेगा. पूर्व सरपंच रामाशीष साव, उपसरपंच रामपुकार सिंह, सरयू सिंह, महेश गुप्ता आदि ने भी बेटियों के महत्व पर प्रकाश डाला. आशा फैसिलेटर लीलावती कुमारी ने कहा कि बेटियों की संख्या घटने का कारण एक मां भी है. अल्ट्रासाउंड भ्रूण जांच के लिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य की जांच के लिए है. प्रभात खबर प्रतिनिधि ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए उपस्थित किशोरियों को दाउदनगर पीएचसी में चल रहे युवा क्लिनिक के बारे में जानकारी दी. धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक दीनू प्रसाद ने किया.
बेटी करती है अधिक सेवा
परिचर्चा में किशोरियों व महिलाओं ने खुल कर अपने विचार रखें. रचना कुमारी ने कहा कि बेटी बिगड़े घर को बना देती है. अर्चना कुमारी ने कहा कि बेटियों को व्यावहारिक तौर पर समानता का अधिकार मिलना चाहिए. बेटी पुरुष के साथ कंधे से कंधे मिला कर चल सकती है.
