पहल. महिलाओं ने लिया भ्रूण हत्या नहीं करने का संकल्प
प्रभात खबर के बेटी बचाओ अभियान की ओबरा में भी हुई सराहना
ओबरा : बुधवार को सरसौली पंचायत भवन में प्रभात खबर द्वारा चलाये जा रहे बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीओ तारा प्रकाश, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी शशि कुमारी, मुखिया रागिनी पटेल, सरपंच नंदनी पाल व साक्षर भारत के प्रखंड समन्वयक जगन्नाथ चौबे ने दीप जला कर किया.
अध्यक्षता जगन्नाथ चौबे व संचालन शिक्षक अजय कुमार ने किया. लोगों ने ‘बेटी बचाओ’ पर हुई परिचर्चा में भाग लेकर बेटियों को बचाने के लिए संघर्ष करने का निर्णय लिया. बाल विकास परियोजना पदाधिकारी शशि कुमारी ने कहा कि प्रभात खबर द्वारा जो बेटी बचाओ अभियान चलाया जा रहा है, वह काफी सराहनीय है. इसके लिए हमलोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है. उन्होंने महिलाओं व स्कूली छात्राओं से अनुरोध करते हुए कहा कि हम सभी महिलाओं को भ्रूण हत्या व बेटी बचाओ अभियान में जुटने की आवश्यकता है.
सीओ ने कहा कि प्रभात खबर अखबार नहीं, बल्कि आंदोलन के रूप में ‘बेटी बचाओ’ अभियान चला रखा है. अखबार द्वारा स्थानीय मुद्दों को काफी अच्छे तरीके से प्रकाशित करता है. आज प्रभात खबर बेटी बचाने के लिए जागरूक है. उन्होंने यह भी कहा कि बाल विवाह आज के परिवेश में करीब-करीब समाप्त हो चुका है. अपने अधिकार के लिए महिलाएं व बेटियों को जागरूक होने की आवश्यकता है. समाज की कुरीतियों को समाप्त करने के लिए हमलोगों को आगे आना है. दिनों-दिन महिलाओं की संख्या कम होती जा रही है.
मुखिया रागिनी पटेल ने कहा कि नारी की पूजा देवता के रूप में की जाती है. उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा के बेटी बचाओ अभियान को लेकर ग्रामीण इलाकों तक ले जाने की मुहिम प्रभात खबर ने छोड़ी है. साक्षर भारत के प्रखंड समन्वयक जगन्नाथ चौबे ने कहा कि भ्रूण हत्या होने से नारी की संख्या कम होती जा रही है. लड़का-लड़की में कोई अंतर नहीं है.
उन्होंने कहा कि लड़कियां अब चांद पर जा रही हैं. पायलट, आइएस व आइपीएस बन रही हैं. उन्हें लड़कों से कम समझने की भूल न करें. यह परिवर्तन का युग है. सरपंच ने कहा कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं है. एएनएम सरस्वती देवी ने कहा कि बेटा के चक्कर में महिलाएं भ्रूण हत्या कराती हैं, जबकि सरकार मान-सम्मान बराबर दे रखी हैं.
50 प्रतिशत आरक्षण हम महिलाओं को मिल रहा है. बेटी नहीं होती, तो हम नहीं होते. शिक्षिका प्रभा देवी ने कहा कि शादी के बाद महिलाएं को जागरूक होने की आवश्यकता है, तभी समाज का कल्याण संभव है. छात्रा अमृता कुमारी व आरती कुमारी ने बेटी बचाओ पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किये. इस मौके पर उपमुखिया मीना देवी, मुखिया प्रतिनिधि रंजन पटेल, राजाराम सिंह, पूर्व सरपंच अशोक पासवान, सरपंच प्रतिनिधि अरविंद पासवान,शिवपूजन प्रसाद के अलावा सेविका, सहायिका, एएनएम व शिक्षक सहित काफी संख्या में महिलाएं शामिल थीं.
