एचआइवी पीड़िता को दें दो माह में 50 हजार रुपये

औरंगाबाद (सदर) : सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आयी एक एचआइवी पीड़ित महिला के साथ लेडी डॉक्टर द्वारा इलाज न करने व दुर्व्यवहार करने के मामले को राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है. एचआइवी पॉजिटिव महिला का इलाज नहीं किये जाने से संबंधित पूर्व में प्रभात खबर ने एक समाचार प्रकाशित की […]

औरंगाबाद (सदर) : सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आयी एक एचआइवी पीड़ित महिला के साथ लेडी डॉक्टर द्वारा इलाज न करने व दुर्व्यवहार करने के मामले को राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है.
एचआइवी पॉजिटिव महिला का इलाज नहीं किये जाने से संबंधित पूर्व में प्रभात खबर ने एक समाचार प्रकाशित की थी. सूचना के आधार पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को दो माह में पीड़िता को 50 हजार रुपये जुर्माना देने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि सदर अस्पताल की महिला चिकित्सक लालसा सिन्हा ने उक्त महिला का इलाज न करते हुए उसके साथ दुर्व्यवहार किया था. इस पर आयोग ने जिलाधिकारी को जांच करने व कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. इस मामले में सोमवार को पूरी रिपोर्ट के साथ सिविल सर्जन डाॅ राम प्रताप सिंह आयोग के समक्ष उपस्थित हुए. इनके द्वारा आयोग को दिये गये रिपोर्ट में लेडी डाॅक्टर के खिलाफ आरोप को सत्य बताया गया था.
इस मामले में डाॅ लालसा ने मेडिकल किट व पोस्ट ऑपरेटिव दवा उपलब्ध नहीं होने की बातें कही थीं, जबकि अस्पताल में ये दवा व किट पर्याप्त मात्रा में पाया गया था. लेडी डाॅक्टर ने एचआइवी मरीज के इलाज के लिए प्रशिक्षण नहीं होने की बातें भी कही थीं, लेकिन डाॅ लालसा ने ऐसे मरीज के उपचार के लिए प्रशिक्षण लिया था व एचआइवी सेंटिनल सर्विलांस राउंड 2014-15 में काम भी किया था. सिविल सर्जन ने डाॅ लालसा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा भेजने की बात आयोग के समक्ष रखी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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