घर से निकलना भी मुश्किल

शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं लोग बच्चों व बूढ़ों को लेकर सतर्क हैं लोग औरंगाबाद (कोर्ट) : पिछले कुछ दिनों से तापमान में अचानक आई गिरावट से ठंड काफी बढ़ गयी है. इसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह के समय चल रही शीतलहर की वजह से लोग अपने घरों से […]

शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं लोग

बच्चों व बूढ़ों को लेकर सतर्क हैं लोग

औरंगाबाद (कोर्ट) : पिछले कुछ दिनों से तापमान में अचानक आई गिरावट से ठंड काफी बढ़ गयी है. इसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह के समय चल रही शीतलहर की वजह से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. ऐसी ही स्थित शाम में भी है. शीतलहर के कारण शाम होते ही लोग अपने घरों में दुबक जा रहे हैं. कड़ाके की ठंड में सबसे अधिक बच्चे ही परेशान हो रहे हैं.

बच्चे व वृद्धों पर दें ध्यान

ठंड से बचने के लिए बच्चे खुद एहतियात नहीं बरत पाते हैं, साथ ही मौसम के अनुकूल भी एडजस्ट करने की क्षमता कम होती है. यही कारण है कि ठंड के शिकार सबसे ज्यादा बच्चे होते हैं.

ऐसी स्थिति में अपने लाडले का ख्याल तो रखें ही साथ ही बूढ़े व्यक्तियों की भी विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है. उम्र के साथ बूढ़ों के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है, जिसके कारण ठंड का असर बूढ़ों पर भी ज्यादा होता है. डॉक्टर भी विशेष एहतियात बरतने की सलाह भी देते हैं.

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