डीएम व एसपी की सतर्कता से नहीं हुई कोई घटना
औरंगाबाद (कार्यालय) : औरंगाबाद जिले के अतिनक्सलगस्त प्रखंड कुटुंबा में पंचायत चुनाव के नौवें चरण का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न करा कर प्रशासन ने नक्सलियों के मांद में लोकतंत्र का डंका बजा दिया है. हालांकि, इसके लिए जिलाधिकारी कंवल तनुज व एसपी बाबूराम को पूरे दिन कहीं मोटरसाइकिल की सवारी, तो कहीं पैदल भी चलना पड़ा है. पूरे दिन चिलचिलाते धूप में दोनों पदाधिकारियों ने जिस तरह साहस व धैर्य के बल पर मतदान शांतिपूर्ण संपन्न कराने में सफलता पायी वह सराहनीय है.
हालांकि, शाम के समय कुछ गड़बड़ी की सूचना मिलने पर थोड़ी सी परेशानी आयी, लेकिन दोनों पदाधिकारियों ने जिस तरह जज्बा दिखाते हुए पोलिंग पार्टी को नक्सलियों की मांद से बाहर निकाल लिया, वह निश्चित रूप से सराहनीय है.
मामला यह था कि मतदान करीब तीन बजे समाप्त हो चुका था. पोलिंग पार्टी को लौटना था. परता पंचायत अतिनक्सलग्रस्त इलाकों में आता है. यहां से जब पोलिंग पार्टी लौट रही थी, तो प्रशासन को सूचना मिली कि नक्सली गतिविधियां बढ़ी है व कुछ गड़बड़ी होने की आशंका है.
डीएम व एसपी तुरंत परता पहुंचे व इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया. जिलाधिकारी व एसपी स्वयं पैदल चलने लगे व जितने भी पुलिस बल व पोलिंग पार्टी के लोग थे, सभी पैदल चल पड़े. करीब छह से सात किलोमीटर पैदल चल कर सभी सुरक्षित लौट गये. इस संबंध में जिला पदाधिकारी कंवल तनुज ने बताया कि जैसे ही मुझे इसकी सूचना मिली, हमने उस इलाके से जाने वाले वाहनों की जांच करवानी शुरू कर दी.
जो भी लोग मिलते थे, उनकी भी छानबीन शुरू करवा दी. इस दौरान शराब सेवन करनेवाले तीन लोग पकड़े गये. कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है.
एसपी बाबू राम ने बताया कि पैदल चलना सुरक्षित रहने के फॉर्मूला हमने अपनाया व यह काफी कारगर हुआ. हमने लगातार जांच अभियान चला कर छापेमारी की, जिसका हमें काफी फायदा मिला. एसपी ने बताया कि जो तीन लोग शराब पिये थे, उन्हें जेल भेजा जा रहा है.
