औरंगाबाद (सदर) : एचआइवी पीड़ित महिला मंजू देवी के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में सिविल सर्जन (सीएस) डाॅ राम प्रताप सिंह ने गंभीरता दिखाई है. उन्होंने इस मामले में डाॅ राजकुमार प्रसाद, चिकित्सक लालसा सिन्हा व स्वास्थ्य प्रबंधक हेमंत राजन से स्पष्टीकरण मांगा है. सीएस ने इस मामले में 24 घंटे के अंदर तीनों को जवाब देने का निर्देश दिया है. एचआइवी पीड़ित महिला के साथ दुर्व्यवहार किये जाने के मामले पर स्वास्थ्य विभाग ने बिहार एड्स नियंत्रण समिति के अलावा परियोजना निदेशक के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम का गठन कर मामले में जांच करने का आदेश दिया है.
इसके अलावा जिलाधिकारी कंवल तनुज ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए वरीय उप समाहर्ता पुरुषोत्तम पासवान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर मामले में जांच करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उन्होंने एक मरीज का पुरजा फाड़ दिया था और जांच टीम से डाॅ लालसा सिन्हा ने बताया कि यहां एचआइवी प्रसव पीड़ित मरीज के इलाज का संसाधन उपलब्ध नहीं है.
जब इस मामले में सदर अस्पताल के सिविल सर्जन ने अस्पताल परिसर स्थित आइसीटीसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से पूछताछ की, तो उनके द्वारा बताया गया कि सारा संसाधन उपलब्ध है. ऐसे में यह गंभीर मामला है कि संसाधन रहते किसी मरीज का इलाज नहीं किया और जांच टीम के सामने गलत बयान दिये गये.
