अनदेखी. मारपीट करनेवालों पर प्राथमिकी नहीं होने से फूटा गुस्सा
थानाध्यक्ष द्वारा लापरवाही बरतते हुए चोरी के आरोप में एक युवक के साथ मारपीट करनेवालों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने से दूसरे पक्ष के लोगों ने थाने पर हंगामा कर पथराव किया़ इसमें पुलिस गाड़ी को क्षति पहुंची है़ मौके पर अधिकारियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ.
देवकुंड/औरंगाबाद : देवकुंड थाने के वनतारा गांव में चोरी के आरोप में गिरजा राजवंशी नामक एक युवक को लोगों ने पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया. कुछ लोग ने रविवार की शाम थाने पर पहुंच कर वनतारा के मुखिया पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दबाव बनाने लगे. लेकिन थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने से आक्रोशित लोगों ने हंगामा करते हुए पथराव करने लगे. पथराव पुलिस वाहन को क्षति पहुंची है. इस दौरान पुलिस ने हल्का बल का भी प्रयोग किया.
घटना की जानकारी पाते ही डीएम, एसपी, एसडीपीओ, सीओ ,बीडीओ व एसडीओ देवकुंड थाना पहुंचे . इसके बाद स्थिति नियंत्रित में हुई. हुई. एसपी बाबू राम एसपी ने बताया कि इस मामले में थानाध्यक्ष की भी लापरवाही सामने आयी है. उन्होंने थानाध्यक्ष दीनबंधु झा को निलंबित करते हुए लाइन हाजिर करने का निर्देश दिया है. इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है.
जिला पदाधिकारी कंवल तनुज, एसपी बाबू राम रविवार की रात कैंप कर स्थिति को सामान्य बनाने में जुटे रहे. जिला पदाधिकारी कंवल तनुज ने बताया कि वनतारा गांव में चोरी के मामले को लेकर गिरजा राजवंशी नामक युवक की पिटाई कर दी गयी और उसे गांव वालों ने पुलिस के हवाले कर दिया. इसी बात को लेकर रविवार की शाम संतोष महतो के नेतृत्व में कुछ लोग थाना पर पहुंचे और वनतारा के मुखिया के पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिये दबाव बनाने लगे. इस दौरान पहले थाना पर हंगामा किया और फिर पथराव किया. डीएम ने यह भी कहा कि इस घटन को चुनाव के आपसी दुश्मनी को साधने के लिये सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया गया. लेकिन, स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया. स्थिति वहां पूरी तरह सामान्य है.
दोनों समुदाय के लोगों के प्रयास से स्थिति आपसी भाईचारा में लौट आयी है. एसपी बाबू राम ने बताया कि इस घटना में देवकुंड थानाध्यक्ष की लापरवाही सामने आयी है. गिरिजा राजवंशी को जब चोरी के आरोप में पिटाई की गयी थी और उसे पुलिस के हवाले किया गया था, तो थानाध्यक्ष को उस समय गिरजा राजवंशी के साथ मारपीट करने वालों पर भी प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए थी. लेकिन, ऐसा नहीं किया, जिसके कारण लोगों में आक्रोश था. एसपी ने बताया कि मामला को संतोष महतो ने तूल देने का प्रयास किया. वह काफी लोगों को लेकर थाना पहुंचे और वनतारा के मुखिया और उनके पुत्र पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दबाव बनाने लगे.
एसपी ने यह भी कहा कि संतोष महतो ने इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया. उसने कुछ लोगों से यह भी कहा कि एक समुदाय के लोग हमारे घर को घेरे हुए है. यह कह कर लोगों कोआक्रोशित कराया, जिससे लोग गुस्से में आकर थाने पर पथराव किया. हालांकि, इस पर तत्काल काबू पा लिया गया है. एसपी ने यह भीबताया कि इस घटना में दोनों पक्ष के लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जिसमें आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसपी ने यह भी बताया कि जिन लोगों पर प्राथमिकी हुई है उनमें गिरजा राजवंशी को पिटाई करनेवाले और थाने पर पथराव करनेवाले हैं. एसपी के अनुसार यह घटना पूरी तरह सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने का एक साजिश था, जिसे विफल कर दिया गया है. एसपी के अनुसार देवकुंड में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
अभी भी वहां पर पुलिस गश्ती की जा रही है. इधर लोगों का यह भी कहना है कि गिरजा राजवंशी की पिटाई चुनावी रंजीश के कारण हुई है. चोरी करते वह पकड़ा नहीं गया था और नहीं उसने चोरी की थी. इस मामले में पुलिस ने छापेमारी कर गिरजा राजवंशी , नवी आलम शाह, दिलसेर शाह, राजेंद्र पासवान, जोगी पासवान, संतोष महतो व प्रमोद प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. बाकी आरोपितों को गिरफ्तारी के लिये छापेमारी किया जा रहा है.
अगर एक दिन पहले देवकुंड थानाध्यक्ष सूझ बूझ से कार्य करते हुए दोनों पक्ष से मामला दर्ज किया होता तो इस तरह की घटना शायद नहीं घटती. थानाध्यक्ष थानेदार की लापरवाही से देवकुंड में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया.
