औरंगाबाद (नगर): एक तरफ सरकार जहां महिलाओं को स्वावलंबी बनाने व उनको हक दिलाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरे तरफ महिलाओं पर हो रहा जुल्म कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. इसका प्रमाण है अंबा थाना क्षेत्र के सोनवर्षाडीह गांव, जहां मंगलवार को ससुराल वालों ने एक महिला नीतू देवी की पहले बेरहमी से पिटाई की व उसे जहर देकर मारने का प्रयास किया.
लेकिन, वह मरी नहीं, बल्कि घटना की सूचना तत्काल महिला थानाध्यक्ष शंकुतला कुमारी को दी़ थानाध्यक्ष ने अंबा थाने की पुलिस से संपर्क कर जख्मी महिला को सुरक्षित घर से निकलवायी. इसके बाद नीतू औरंगाबाद पहुंची, जहां महिला थानाध्यक्ष ने उसे सदर अस्पताल में भरती करा कर इलाज शुरू करवाया. उन्होंने कहा कि मेरी शादी 2002 में सोनवर्षाडीह गांव के दिनेश सिंह के साथ हुई थी़ शादी के कुछ वर्षों तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा़ उसके बाद मेरे पति घर पर नहीं रहने लगे़ जब भी बाहर से काम कर लौटते थे, तो मेरे साथ बेरहमी से मारपीट करना शुरू कर देते थे.
काफी दिनों तक अपने ऊपर हो रहे जुल्म को सहने का प्रयास किया, लेकिन उनमें और ससुराल वालों में कोई सुधार नहीं हुआ. नीतू ने यह भी कहा कि तीन वर्ष पूर्व मेरे पति ने जला कर मारने का भी प्रयास किया था. इसके बाद हमें छाड़ने की धमकी दी व सारा जेवर छीन लिये. प्रताड़ना के इस क्रम में मंगलवार को अपने मां, बाप, भाई व बहन के साथ मिल कर मारपीट की व जहर पिला दिया़ इधर, महिला थानाध्यक्ष शंकुतला कुमारी ने बताया कि ससुराल वालों ने मारपीट कर जहर देकर मारने का प्रयास किया है़ पुलिस मामले को गंभीरंता से लेते हुए कार्रवाई कर रही है. दोषी व्यक्त को किसी हाल में छोड़ा नहीं जायेगा.
