चोरी गयी मूर्ति की बरामदगी नहीं होने पर फूटा आक्रोश प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन शुरू मरही धाम से 17 दिसंबर को सिंहवासिनी व भृगु ऋषि की प्राचीन मूर्तियां हुई थी चोरीप्रशासन ने 25 दिसंबर तक बरामद करने का दिया था आश्वासन अनिश्चितकालीन धरने में एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों का समर्थन फोटो नंबर-10 से 14 तक,परिचय- धरना पर बैठे नाराज ग्रामीण व नाम से लोगों की रायऔरंगाबाद /देवकुंडगोह प्रखंड की भुरकुंडा पंचायत स्थित मरही धाम से गत 17 दिसंबर को चोरी हुई सिंहवासिनी व भृगु ऋषि की प्राचीन मूर्तियों की बरामदगी एक सप्ताह बाद भी नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. शनिवार को आंदोलन की शुरुआत गोह के ऐतिहासिक जगतपति चौक से की. मां सिंहवासिनी मंदिर विकास समिति मरहीधाम के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन धरना का शुभारंभ हुआ. इसमें प्रशासन के विरुद्ध लगभग एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने आंदोलन का समर्थन किया है. दर्जनों गांवों के लोग ने धरने पर बैठ कर प्रशासन के विरुद्ध आवाज को बुलंद किया. पहले दिन धरना की अध्यक्षता राजनंदन वर्मा ने की. उपस्थित लोगों ने सबसे पहले मूर्ति चोरी की घटना व प्रशासन की ढूलमूल नीति की निंदा की. लोगों ने मुख्यमंत्री से चोरी गयी मूर्ति की शीघ्र बरामदगी की मांग की. धरने पर बैठे लोगों ने बारी-बारी से संबोधन के दौरान कहा कि मूर्ति चोरी की घटना के बाद शासन व प्रशासन के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि एक सप्ताह के भीतर मूर्तियों की बरामदगी कर ली जायेगी, लेकिन इस पर से प्रशासन का ध्यान ही हट गया. पुलिस अपने कार्यों में पूरी तरह विफल रही है. धरने पर बैठे समिति के संयोजक दिलीप कुमार सिंह उर्फ रामजी, ब्रज किशोर वर्मा, व्यवस्थापक सोनू कुमार, राधे श्याम वैद्य, सुरेंद्र साव, साहेब दयाल यादव, शिव कुमार सिंह सहित दर्जनों लोगों ने कहा कि गोह में मूर्ति चोरी की घटना पहले भी हुई थी. भुरकुंडा में ठाकुरबाड़ी से मूर्ति चोरी हुई, लेकिन बरामद नहीं हुई. सवाल मूर्ति चोरी का नहीं है. सवाल है कि धार्मिक आस्था पर इस तरह कुठाराघात हो रही है और प्रशासन हाथ पर हाथ धर कर बैठी है. धरना में अंकुरी, गोरकटी, नीरपुर, डुमरथू, भुरकुंडा, गोह, सरेया, भलवंडी सहित अन्य गांव के लोग शामिल थे. लोगों का कहना था कि अगर धरने से भी प्रशासन की नींद नहीं खुली तो भूख हड़ताल होगा. आमरण अनशन से भी पीछे नहीं हटेंगे. ——————–प्रशासन अपने कार्यों के प्रति लापरवाह पूरे बिहार में लगातार चोरी की घटना घट रही है. इस तरह की मूर्ति चोरी की घटना गोह मे कई बार घटी, लेकिन प्रशासन अब तक मूर्ति को बरामद नहीं किया, इससे प्रतीत होता है की प्रशासन अपने कार्यों के प्रति लापरवाह है. प्रशासन मूर्ति को जल्द बरामद करे.विजय कुमार अकेला ,भाजपा नेता, हसपुरा मरही धाम भुरकुंडा से मूर्ति चोरी की घटना का खुलासा करने में प्रशासन अबतक विफल रही. विवश होकर हमलोग अनिश्चतिकालिन धरने पर बैठे हैं, यह धरना तबतक जारी रहेगा जब तक मां सिंहवासिनी व भृगु ऋषि की मूर्ति को वापस लाकर स्थापित नहीं किया जाता है. दिलीप कुमार उर्फ रामजीमूर्ति चोरी होने के बाद लोगों ने सड़क जाम की थी, उस समय एसडीपीओ संजय कुमार व एसडीओ राकेश कुमार ने यह कहकर जाम हटवाया था कि हमलोग 25 दिसंबर तक हर हालत में मूर्ति बरामद करेंगे़ लेकिन अबतक बरामद नहीं किया गया है़ रामनरेश सिंहमूर्ति चोरी की घटना निंदनीय है. प्रशासन अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह नहीं है. हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जो बरदाश्त नहीं करेंगे. हमें जल्द अपने देवों की बरामदगी चाहिए. रामजन्म दूबे
चोरी गयी मूर्ति की बरामदगी नहीं होने पर फूटा आक्रोश
चोरी गयी मूर्ति की बरामदगी नहीं होने पर फूटा आक्रोश प्रशासन के विरुद्ध आंदोलन शुरू मरही धाम से 17 दिसंबर को सिंहवासिनी व भृगु ऋषि की प्राचीन मूर्तियां हुई थी चोरीप्रशासन ने 25 दिसंबर तक बरामद करने का दिया था आश्वासन अनिश्चितकालीन धरने में एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों का समर्थन फोटो नंबर-10 से 14 […]
