नारियों को करनी चाहिए सीता के चरित्र का अनुकरण

(फोटो नंबर-6) परिचय- स्वामी गोविंदाचार्य महाराजअंबा (औरंगाबाद)मां सीता भारतीय नारियों के लिए आदर्श है. नारियों को उनके चरित्र का अनुकरण करना चाहिए. ये बात रसोइया गांव में प्रवचन के दौरान झारखंड पीठाधीश रामानुजाचार्य स्वामी गोविंदाचार्य जी महाराज ने कही. उन्होंने कहा कि भारतीय नारी देवी की प्रतिमूर्ति है. पतिव्रता उनका पहचान है.पति व्रता नारी के […]

(फोटो नंबर-6) परिचय- स्वामी गोविंदाचार्य महाराजअंबा (औरंगाबाद)मां सीता भारतीय नारियों के लिए आदर्श है. नारियों को उनके चरित्र का अनुकरण करना चाहिए. ये बात रसोइया गांव में प्रवचन के दौरान झारखंड पीठाधीश रामानुजाचार्य स्वामी गोविंदाचार्य जी महाराज ने कही. उन्होंने कहा कि भारतीय नारी देवी की प्रतिमूर्ति है. पतिव्रता उनका पहचान है.पति व्रता नारी के सामने भगवान को भी नतमस्तक होना पड़ा है. मां अनुसूइया की कथा इसका प्रमाण है. स्वामी जी ने कहा कि यदि बेटी सीता बनती है पुन: रामराज की परिकल्पना साकार हो सकती है. इससे समाज में बढ़ता भेदभाव मिट सकता है. आगे कहा कि यदि बेटी सूर्पनखा का रूप धारण करती है तो उसे सर्वस्व नाश हो सकता है. सूर्पनखा को अपने बनावटी रूप पर गर्व था वह भारतीय नारी के मर्यादा को उल्लंघन कर खुद शादी करने का फैसला की थी, जिसका परिणाम बुरा निकला. विदित हो कि रसोइया में 21 मार्च से 30 मार्च तक शतचंडी महायज्ञ व श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ होनी है. यज्ञ की तैयारी धूमधाम से की जा रही है. यज्ञ समिति के सचिव पृथ्वीराज सिंह व कोषाध्यक्ष विनय कुमार भारती ने बताया कि 21 मार्च को जल यात्रा निकाला जायेगा. 22 मार्च को मंडप प्रवेश के साथ पाठ प्रारंभ होगा. 23 से 29 मार्च तक श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का कथा होगा. 30 मार्च को यज्ञ की पूर्णाहुति होगी. साथ ही भंडारा का आयोजन किया जायेगा. यज्ञ के प्रवचन के साथ-साथ अयोध्या के कलाकारों द्वारा रामलीला का भी आयोजन होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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