औरंगाबाद (नगर) : सोमवार को सदर प्रखंड के इब्राहिमपुर गांव में हाइ कोर्ट के आदेश पर भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए गये अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष को खदेड़ना परचाधारियों को महंगा पड़ गया.
37 परचाधारी सहित 44 लोगों के विरुद्ध फेसर थाने में प्राथमिकी सीओ वीरेंद्र कुमार के बयान पर दर्ज की गयी है. इसमें 44 लोगों को नामजद व 90 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है. जानकारी देते हुए फेसर थानाध्यक्ष प्रेमचंद कुमार ने बताया कि हाइकोर्ट के आदेश पर अनुमंडल पदाधिकारी केडी प्रौज्जवल के नेतृत्व में प्रशासन के लोग भूमि पर भू–धारी को कब्जा दिलाने के लिए इब्राहिमपुर गांव पहुंचे थे.
जब भूमि पर कब्जा दिलाने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया गया, तो परचाधारी व अन्य ग्रामीण भारी संख्या में लाठी, डंडे व हथियार से लैस होकर आ पहुंचे और प्रशासन के साथ उलझ पड़े, जिसके कारण भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया जा सका. पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर लोगों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है.
इधर, परचाधारियों का कहना है कि हम लोगों के ऊपर झूठा मुकदमा प्रशासन द्वारा दर्ज किया गया है, क्योंकि जमीन हमलोगों को सरकार द्वारा परचा के तहत दिया गया था. अब उस पर कब्जा करना चाहती है, जो गलत है. जान दे सकते हैं पर, जमीन किसी भी कीमत में नहीं देंगे. इसके लिए क्यों न हमें और संघर्ष करना पड़े.
