तेघड़ा : घने कुहरे और बर्फीली हवा से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस रहने के कारण कनकनी और ठिठुरन बढ़ गयी है. हर चौक-चौराहे पर लोग अलाव ताप कर समय गुजार रहे हैं. बूढ़े-बुजुर्ग घरों के अंदर रजाई एवं कंबल तले दुबके रहने को विवश हैं. गरम कपड़े के साथ-साथ चाय, लिट्टी, समोसा, सिंघाड़ा, मछली, मांस की बिक्री बढ़ गयी है.
ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त
तेघड़ा : घने कुहरे और बर्फीली हवा से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस रहने के कारण कनकनी और ठिठुरन बढ़ गयी है. हर चौक-चौराहे पर लोग अलाव ताप कर समय गुजार रहे हैं. बूढ़े-बुजुर्ग घरों के अंदर रजाई एवं कंबल तले दुबके रहने को […]
