(औरंगाबाद). उमगा सूर्य मंदिर जाने वाले रास्ते में पीने के पानी की सुविधा के लिए लगाये जा रहे रिंग बोरिंग चापाकल काम बंद करा दिया जाना अच्छी बात नहीं है.
किसी भी दल या व्यक्ति अगर उमगा पर्वत के विकास के लिए कोई काम करता है तो पूरी जनता उनका स्वागत करने को तैयार है. ये बातें मदनपुर के प्रखंड प्रमुख उत्तम पासवान ने कहीं. उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल नारायण सिंह के निजी कोष से सूर्य मंदिर जानेवाले रास्ते में 100 फुट रिंग बोरिंग मशीन द्वारा बोर किये जाने के बाद एक राजनीति के तहत फॉरेस्ट विभाग को मुखौटा बना कर काम बंद करा दिया जाना एक निंदनीय घटना है.
वैसे व्यक्तियों व वन विभाग के पदाधिकारियों को यह सोचना चाहिए था कि पहाड़ पर यदि पेयजल उपलब्ध हो जाता है तो आने-जाने वाले तीर्थ यात्रियों, वन्य जीव-जंतु व पेड़ -पौधों के लिए लाभकारी होता. वैसे सरकारी पदाधिकारी व पेयजल में अड़ंगा डालने वाले लोगों को यह ज्ञान होना चाहिए कि पूर्व में भी बिना वन विभाग के परमिशन के पहाड़ के ऊपर तालाब की खुदाई, बांध, कुआं, सीढ़ी, धर्मशाला व सोलर लाइटें जनप्रतिनिधियों द्वारा लगायी गयी थी. क्या पूर्व में कराये गये इन कार्यों के लिए वन विभाग से परमिशन लिये गये थे? उन्होंने बताया कि विकास के नाम पर राजनीति करना अच्छी बात नहीं है.
