मदनपुर (औरंगाबाद)प्रखंड में किसी भी पैक्स द्वारा और न तो राज्य खाद्य निगम द्वारा ही धान क्रय केंद्र अब तक खोले गये हैं. नतीजतन किसान अपनी मेहनत से उपजाये धान को जरूरत पड़ने पर निजी व्यापारियों से बेचने को मजबूर हैं. व्यापारी वर्ग भी सरकारी धान क्रय केंद्र नहीं खुलने का भरपूर फायदा उठाते देखे जा रहे हैं. नतीजतन मोटे धान (मंसूरी/सीता) को 1050 से 100 रुपये प्रति क्विंटल व उत्तम क्वालिटी ग्रेड ए धान (सोनम/रूपाली) को 1300 से 1400 रुपये प्रति क्विटंल व्यवसायी खुलेआम खरीदते देखे जा रहे हैं. किसान लल्लु पाल, बिंदा महतो, जगदीश यादव, मनोज सिंह, दिनेश सिंह की माने तो किसान को पैसे के अभाव में व्यवसायी वर्ग को अपनी मेहनत से उपजाये धान औने-पौने दामों में बेचना पड़ रहा है. कारण की सरकार द्वारा या पैक्सों द्वारा धान क्रय की शुरुआत मदनपुर प्रखंड में अभी न तो शुरू हुई और न दो चार दिनों में खुलने की संभावना ही दिखती है.
किसान औने-पौने दाम में धान बेचने को मजबूर
मदनपुर (औरंगाबाद)प्रखंड में किसी भी पैक्स द्वारा और न तो राज्य खाद्य निगम द्वारा ही धान क्रय केंद्र अब तक खोले गये हैं. नतीजतन किसान अपनी मेहनत से उपजाये धान को जरूरत पड़ने पर निजी व्यापारियों से बेचने को मजबूर हैं. व्यापारी वर्ग भी सरकारी धान क्रय केंद्र नहीं खुलने का भरपूर फायदा उठाते देखे […]
