औरंगाबाद (कोर्ट)आंख अस्पताल के डॉक्टर राजीव रंजन ने अपने ऊपर लगाये गये आरोप को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि भट्टु बिगहा निवासी मनोज कुमार की आंख की रोशनी इलाज में लापरवाही के कारण नहीं गयी है, बल्कि आंख के ऑपरेशन के 10 दिनों बाद ही झारखंड में हो रहे चुनाव कार्य में ड्यूटी करने चले गये थे. इसके कारण उनकी आंखों की रोशनी नहीं लौटी. ऑपरेशन के बाद उसने बताये गये संयम व परहेज नहीं किया, जिसके कारण उसकी आंखों की रोशनी चली गयी. वह झारखंड में पुलिस विभाग में हैं. बीच-बीच में वह सिमडेगा से फोन भी करते रहे लेकिन आंखों की रोशनी घटने पर भी 10 दिन देर से पहुंचे. अस्पताल से जाने के पहले भी उन्होंने रोशनी आने की बात कही थी. डॉ राजीव रंजन ने कहा कि परेशान करने की कोशिश की जा रही है.
परहेज नहीं करने से आंखों से गयी रौशनी
औरंगाबाद (कोर्ट)आंख अस्पताल के डॉक्टर राजीव रंजन ने अपने ऊपर लगाये गये आरोप को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि भट्टु बिगहा निवासी मनोज कुमार की आंख की रोशनी इलाज में लापरवाही के कारण नहीं गयी है, बल्कि आंख के ऑपरेशन के 10 दिनों बाद ही झारखंड में हो रहे चुनाव कार्य में ड्यूटी करने […]
