कुटुंबा (औरंगाबाद) चुनाव के परिणाम घोषित हुए अभी महीनों नहीं बीता कि पैक्स का राजनीति चरम सीमा पर है. प्रखंड की कई पंचायत में कार्यकारिणी सदस्यों व अध्यक्ष के बीच आपसी सहमति नहीं होने से बैठक नहीं हो पा रही है. पिछले ही सप्ताह कर्मा बसंतपुर पैक्स के पांच सदस्यों ने अपना त्याग पत्र विभाग के अधिकारियों को दिया था. इसके बाद बुधवार को कर्मा बसंतपुर पैक्स के सदस्य सबिता देवी, बीसीओ महफुज आलम के पास त्याग पत्र लेकर पहुंची. सबिता के परिजनों ने फोन पर बताया कि सबिता ने त्याग पत्र दे दिया है. इस संबंध में जब बीसीओ ने बताया कि उक्त सदस्य त्याग पत्र देने आयी थी, पर आवश्यक दस्तावेज नहीं होने से उसका त्याग पत्र अब तक मंजूर नहीं किया गया है. पैक्स सदस्यों के बीच इस तरह के मतभेद से किसानों का काम बाधित हो रहा है और सहकारिता पर संकट गहराता जा रहा है. सदस्यों के रवैये से अधिकारी भी परेशान है. अधिकारी भी दबे जबान इस संकट को स्वीकार करते हैं. विदित हो कि पैक्स के किसी भी कार्य के लिए कार्यकारिणी के सात सदस्यों द्वारा प्रस्ताव पारित करना पड़ता है.
किसानों का काम हो रहा बाधित
कुटुंबा (औरंगाबाद) चुनाव के परिणाम घोषित हुए अभी महीनों नहीं बीता कि पैक्स का राजनीति चरम सीमा पर है. प्रखंड की कई पंचायत में कार्यकारिणी सदस्यों व अध्यक्ष के बीच आपसी सहमति नहीं होने से बैठक नहीं हो पा रही है. पिछले ही सप्ताह कर्मा बसंतपुर पैक्स के पांच सदस्यों ने अपना त्याग पत्र विभाग […]
