समाधान नहीं, तो आंदोलन

मदनपुर : सीएम की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल का जल प्रखंड मुख्यालय में दम तोड़ रही है. प्रखंड मुख्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या है. पानी के लिए हाहाकार मची है और जिम्मेदार अधिकारी उदासीन है. लोग अधिकारियों से इस समस्या को दूर करने की गुहार लगा रहे हैं, पर सुनवाई नहीं हो रही […]

मदनपुर : सीएम की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल का जल प्रखंड मुख्यालय में दम तोड़ रही है. प्रखंड मुख्यालय में पेयजल की गंभीर समस्या है. पानी के लिए हाहाकार मची है और जिम्मेदार अधिकारी उदासीन है. लोग अधिकारियों से इस समस्या को दूर करने की गुहार लगा रहे हैं, पर सुनवाई नहीं हो रही है. ऐसा ही एक मामला मुंशी बिगहा गांव की है.

दक्षिणी उमगा पंचायत के जंगली क्षेत्र में बसे मुंशी बिगहा गांव में पीने की पानी का अभाव है. सरकार द्वारा मिनी जल मीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन सरकारी उदासीनता व ठेकेदार की मनमानी के कारण जलमीनार आज सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. 70 घरों की बस्ती में पीने की पानी की घोर समस्या है. इसके बावजूद इस जलमीनार का उपयोग सिर्फ गाय व भैंस के बांधने के प्रयोग में लाया जा रहा है.
इतना ही नहीं ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि का भी ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन कोई इनकी सुधि लेने को तैयार नहीं है. ग्रामीण बंधु सिंह भोक्ता, किरण कुमारी, अनिता देवी, कुलेंद्र भुइंया, सहदेव रिकियासन, सोनी देवी आदि का कहना है कि जलमीनार बनने के बाद से ही पानी नहीं मिल सका है. आज तक कोई सुधार करने भी नहीं आया.
ग्रामीणों को पानी की विकट समस्या का सामना करना पड़ता है. तीन वर्षों से यह जलमीनार बेकार पड़ा है. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पूर्व से गांव में चापाकल था, जिसमें ही पीएचइडी द्वारा सबमर्सिबल डाल कर पानी टंकी को चालू किया गया था. लेकिन अब तक ग्रामीणों को पानी नहीं मिला.

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