औरंगाबाद : जिले में संचालित वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन केंद्र का अब अपना भवन होगा. इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है. वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन के भवन के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में ही जगह मिली है. इस भवन के बन जाने से रेप पीड़िताओं के रहने से लेकर उनके इलाज आदि में सहूलियत होगी.
यही नहीं, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित महिला हेल्पलाइन का कार्यालय भी इसी नये भवन में शिफ्ट हो जायेगा. जिलास्तर से जमीन आवंटन से सम्बंधित कागजी कार्रवाई लगभग पूरी कर ली गयी है.
यदि सारी सुविधाओं से लैस वन स्टॉप सेंटर का भवन बनने की योजना धरातल पर पूरी तरह कामयाब हो जाती है, तो इसमें सबसे बड़ा योगदान जिला महिला संरक्षण पदाधिकारी कांति कुमारी का होगा. क्योंकि, इनकी मेहनत की बदौलत ही कलेक्ट्रेट परिसर में इस भवन के निर्माण के लिए जमीन मिल पायी है. अब भवन निर्माण के लिए तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं.
वन स्टॉप सेंटर का भवन 3000 स्कावयर फुट में बनेगा. यह भवन दो तल्ला होगा और कई सारी सुविधाएं इसमें उपलब्ध रहेंगी. कलेक्ट्रेट गेट की दाहिनी ओर पोस्ट ऑफिस की बगल वाली जमीन पर भवन का निर्माण होगा. फिलहाल इस जमीन पर होटल वालों का कब्जा है. होटलों को हटा कर वहां भवन बनाये जायेंगे.
भवन निर्माण के लिए जो 3000 वर्ग फुट जमीन मिली है, उसमें से 1287.5 वर्ग फुट जमीन अनुमंडल की है, जबकि बाकी की जमीन जिला प्रशासन की है. अनुमंडल और जिला स्तर पर कागजी कार्रवाई को पूरी की जा रही है, ताकि आगे का काम किया जा सके.
भवन में होंगी सुविधाएं : वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन केंद्र के बननेवाले दो तल्ले नये भवन में कई तरह की सुविधाएं होंगी. रेप पीड़िता को यहां पांच दिनों तक रखा जायेगा. इनके खाने-पीने और रहने की सारी व्यवस्था होगी. साथ ही रेप पीड़िताओं के इलाज की सुविधा भी रहेगी. यहां पीड़िताओं की काउंसिलिंग भी की जायेगी.
बता दें कि घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को रखने के लिए पहले से ही अल्पावास गृह का संचालन हो रहा है. अब रेप पीड़िताओं के ठहरने व इलाज की सुविधा भी इस भवन के बनने के साथ ही जिले में उपलब्ध हो जायेगी. इस भवन के परिसर में कई तरह के फूल-पौधे भी लगाये जायेंगे. भवन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जायेगा. इसके लिए तमाम इंतजाम किये जायेंगे.
अलग से बहाल होंगे कर्मी : वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन के संचालन के लिए अलग से कर्मियों की बहाली की जायेगी. इस सेंटर के संचालन के लिए आवश्यक व जरूरत के हिसाब से कर्मियों की बहाली होगी. सेंटर मैनेजर, केस वर्कर, गार्ड, सुरक्षा प्रहरी, मल्टीपर्पस वर्कर आदि पदों पर कर्मियों को विभागीय स्तर से बहाल किया जायेगा.
महिला व बाल विकास मंत्रालय बनायेगा भवन
जिला महिला संरक्षण पदाधिकारी कांति कुमारी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्प लाइन केंद्र के नये भवन का निर्माण महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, दिल्ली द्वारा कराया जायेगा. नक्शा बनाकर मंत्रालय को भेजा जायेगा. इसके बाद वहां से आवश्यकतानुसार फंड का आवंटन होगा.
इसके बाद भवन बनाने का काम शुरू होगा. यह भवन बेहद आकर्षक होगा. दो तल्ले भवन में सारी सुविधाएं रहेगी. रेप पीड़िता को पांच दिनों तक रहने, खाने व इलाज की व्यवस्था रहेगी. जरूरी कार्रवाई पूरी होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा.
