बरसात के पानी ने दिखायी नगर पर्षद की हकीकत

औरंगाबाद सदर : बरसात से पहले नगर पर्षद नालों व नालियों की सफाई व शहर की स्थिति दुरुस्त करने का लंबा-चौड़ा दावा कर रही थी. इस पर राशि भी खर्च की गयी. जल जमाव से निबटने के लिए अभियान चलाया गया. इन सबके बाद जब झमाझम बारिश हुई, तो नगर पर्षद के सारे दावे बरसात […]

औरंगाबाद सदर : बरसात से पहले नगर पर्षद नालों व नालियों की सफाई व शहर की स्थिति दुरुस्त करने का लंबा-चौड़ा दावा कर रही थी. इस पर राशि भी खर्च की गयी. जल जमाव से निबटने के लिए अभियान चलाया गया. इन सबके बाद जब झमाझम बारिश हुई, तो नगर पर्षद के सारे दावे बरसात की पानी में बह गये.

सड़क पर जल जमाव हो गया. हर तरफ कीचड़ ही कीचड़ दिखने लगा और शहर नरक में तब्दील हो गया. नालों का गंदा पानी सड़कों पर तैर रहा है. हर वार्ड में 50 फीसदी नालों व नालियों में जल निकासी की समस्या है. जहां सफाई हुई थी वहां जलजमाव ने साबित कर दिया कि सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गयी है.
जलजमाव से परेशान वार्ड 33 के लोग
शहर के वार्ड 33 के लोग जलजमाव से परेशान है. मुहल्ले में घरों के सामने पानी जमा हो गया है. शनिवार की देर शाम से हो रही बारिश ने लोगों को घर से निकलना मुश्किल कर दिया है. उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि यदि यही बारिश लगातार होगी, तो नाले का पानी उनके घरों तक चला आयेगा.
लोगों का कहना है कि नगर पर्षद निर्धारित टैक्स वसूलने के बाद भी गली व नली की सुविधा मुहल्ले के लोगों को मुहैया नहीं करा रही है. यदि नगर पर्षद बरसात से पहले जल निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कर लेती, तो यह समस्या नहीं झेलनी पड़ती. कई जगह नालियों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे जल की निकासी नहीं हो पा रही है. कुछ घर ऐसे हैं जहां पानी अंदर तक चला गया है.
कीचड़ से सन गया रामाबांध बस स्टैंड
झमाझम बारिश ने रामबांध बस स्टैंड की स्थिति नारकीय कर दी है. पूरा बस स्टैंड किचड़ का दलदल बन गया है. कीचड़ में फंसने के डर से कोई भी गाड़ी स्टैंड में प्रवेश नहीं कर रहा है. ऐसे में सड़क किनारे रोड पर चालक बस खड़ा कर रहे है. रामाबांध शहर का मुख्य बस स्टैंड है. यहां से गया, रांची, डालटेनगंज, अम्बिकापुर, सासाराम, दाउदनगर, नवीनगर, अंबा, कोलकाता, पटना व वाराणसी सहित कई जगहों के लिए बसें मिलती है.
सवारी भी स्टैंड में नहीं जा सकते है. बस चालकों का कहना है कि स्थिति इतनी खराब है कि गाड़ी स्टैंड के अंदर लगाना संभव नहीं है. यात्री भी बस स्टैंड के अंदर न जाकर सड़क पर ही रहना पसंद कर रहे है. ऐसे में सड़क किनारे गाड़ी खड़ा करने के अलावा कोई चारा हमारे पास नहीं है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >