औरंगाबाद : हर सुबह चाय की चुस्की के साथ अखबार लोगों की जरूरत है. सुबह जगने के बाद लोग चाय के साथ ताजातरीन खबरों से वाकिफ होते हैं, लेकिन इन सब के बीच हम उनसे अनजान होते हैं जो विषम परिस्थिति और मौसम की मार झेलते हुए हर सुबह हम तक अखबार पहुंचाते हैं. प्रभात खबर ने सुबह के साथी नामक कॉलम की शुरुआत की है जिसमें जिले के विभिन्न हॉकरों की जीवनी के बारे में पाठकों को बताया जा रहा है.
भाई के साथ 19 वर्षों से अखबार बेच रहे अरुंजय
औरंगाबाद : हर सुबह चाय की चुस्की के साथ अखबार लोगों की जरूरत है. सुबह जगने के बाद लोग चाय के साथ ताजातरीन खबरों से वाकिफ होते हैं, लेकिन इन सब के बीच हम उनसे अनजान होते हैं जो विषम परिस्थिति और मौसम की मार झेलते हुए हर सुबह हम तक अखबार पहुंचाते हैं. प्रभात […]

इसी कड़ी में पेश है रफीगंज के हॉकर अरुंजय की कहानी. रफीगंज के हॉकर अरुंजय कुमार 19 वर्षों से अखबार बेच रहे हैं. अरुंजय ने वर्ष 2000 से अखबार बेचना शुरू किया था. आज दो दशक होने को है, पर आज भी पूरी लगन और ईमानदारी से वे अखबार बेचने का काम कर रहे हैं. इस काम मे वो अकेले नही होते बल्कि उनके छोटे भाई उपेंद्र भी उनके साथ होते हैं.
अरुंजय बीए पार्ट 2 तक कि पढ़ाई किये हैं. 1993 में मैट्रिक व 1995 में इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1997 में उन्होंने बीए पार्ट दो में पढ़ाई छोड़ दी थी. अरुंजय बताते हैं कि दो दशक से वो और उनके छोटे भाई सिर्फ अखबार बेच कर ही अपनी जीविका चला रहे हैं. इसके अलावा उनका परिवार कोई और धंधा नही करता है.
केवल अखबार बेचकर ही वो सुखी जीवन व्यतीत कर रहे हैं. चाहे कंपकंपाती ठंढ हो,झुलसाने वाली गर्मी हो या झमझमाती बरसात अरुंजय अपने निर्धारित समय पर पाठकों तक अखबार पहुंचा कर ही दम लेते हैं. भले ही मौसम की नियत बदल जाये लेकिन अरुंजय अपने वक्त से कभी समझौता नही करते है.
अरुंजय के कुशल व्यवहार के लोग कायल हैं.उनके मधुर व्यवहार के कारण लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं.सुबह में अखबार बांटने के बाद शाम में दोनों भाई कलेक्शन करते है. परिवार मे दो भाइयों के अलावा उनके माता-पिता, दोनों भाई की पत्नी और चार बच्चे है. इन सभी की जीविका अखबार से ही चलती है.