औरंगाबाद : सोमवार की दोपहर बेखौफ अपराधियों ने ब्रहमपुत्रा ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों से छह लाख रुपये उड़ा लिये. घटना का अंजाम पल्सर सवार दो अपराधियों ने दिया. इस मामले में कंपनी में कार्यरत प्रेमप्रकाश शर्मा ने नगर थाना में घटना की शिकायत दर्ज करायी है. हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से इंकार कर रही है,पर जांच का हवाला जरूर दिया.
ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों से उचक्कों ने उड़ाये छह लाख रुपये
औरंगाबाद : सोमवार की दोपहर बेखौफ अपराधियों ने ब्रहमपुत्रा ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों से छह लाख रुपये उड़ा लिये. घटना का अंजाम पल्सर सवार दो अपराधियों ने दिया. इस मामले में कंपनी में कार्यरत प्रेमप्रकाश शर्मा ने नगर थाना में घटना की शिकायत दर्ज करायी है. हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से […]

घटना से संबंधित मिली जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश राज्य के बलिया जिले के परसिया गांव निवासी प्रेमप्रकाश शर्मा अपने कंपनी के ही एक अन्य कर्मचारी महावीर पाल के साथ पैसे की निकासी करने एचडीएफसी बैंक पहुंचा था. बैंक से छह लाख रुपये की निकासी कर प्रेमप्रकाश और महावीर अपने बाइक से कंपनी लौटने लगे.
प्रेमप्रकाश बाइक चला रहा था,जबकि महावीर बैग में पैसे लेकर पीछे बैठा हुआ था. जैसे ही औरंगाबाद-डेहरी लिंक रोड में पेट्रोल पंप के समीप पहुंचा वैसे ही ओवरटेक कर रहे बाइक सवार अपराधियों ने महावीर के हाथ में रहे बैग को झपट्टा मार रुपये उड़ा लिये.
इस घटना के बाद दोनों कर्मचारी थाना पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी. हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई भी शुरू कर दी और जगह-जगह पर नाकेबंदी कर दी पर अपराधी पुलिस पकड़ से बाहर निकल गये. हालांकि नगर थानाध्यक्ष ने कहा कि मामला संदेह के घेरे में है.पुलिस जांच कर रही है.
आखिर पुलिस का सहयोग क्यों नहीं लेते हैं व्यवसायी
ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों से छह लाख रुपये की छिनतई ने एक बार फिर बड़े व्यवसायियों की मानसिकता पर सवाल खड़ा किया है. शहर में छिनतई की ऐसी कई घटनाएं हो चुकी है.
हर बार पुलिस एक अपील जारी करती है कि बैंक से बड़ी राशि निकासी के पूर्व या निकासी के बाद पुलिस का सहयोग अवश्य लें . इसके बाद भी पुलिस का सहयोग नहीं लिया जाना और फिर लूटने के बाद पुलिस के पास गुहार लगाना कहीं न कहीं आपसी तालमेल को दरकिनार करता है.
हालांकि औरंगाबाद में छिनतई की हुई घटना संदेह के घेरे में है. छह लाख रुपये की निकासी दो कर्मचारी के बदौलत और वह भी बाइक के सहारे कंपनी पहुंचाना संदेह को जन्म देता है. पुलिस भी यही मान कर चल रही है.