पीड़ित दुकानदारों को मुखिया संघ अध्यक्ष ने दी आर्थिक मदद
औरंगाबाद शहर : भारत बंद के दौरान महागठबंधन के नेताओं ने जिस तरीके से सड़क पर गुंडागर्दी का काम किया है उसकी जितनी भी निंदा की जाये वह कम होगा, क्योंकि व्यवसायियों ने महागठबंधन द्वारा बुलाये गये भारत बंद को मानने के लिए तैयार नहीं थे. महागठबंधन ने शहर में निकाली गयी प्रदर्शन में शामिल लोगों ने फुटपाथी दुकानदारों के साथ न तो सिर्फ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया बल्कि उनकी समानों को फेंक कर सड़क जाम कर दिया है.
ये बातें मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान मुखिया संघ जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कही है. उन्होंने कहा कि सोमवार को कांग्रेस विधायक वैसे लोगों के साथ बाजार बंद कराने के लिए ओवरब्रिज के पास पहुंचे जो रामनवमी जुलूस के दौरान शहर में पत्थर फेंक कर दंगा भड़काने का काम किया था. जब इसका विरोध करते हुए मैंने कहा कि जो लोग स्वेच्छा से दुकान बंद कर रहे हैं उन्हें बंद करने दीजिए और जो गरीब परिवार के लोग अपने बच्चों के पेट पालने के लिए दुकान खोले हुए उनका जबरन दुकान बंद मत करायी तो बंद समर्थकों ने हमारे साथ मारपीट करने पर उतारू हो गये लेकिन जब हमें मारने पिटने में सफल नहीं हुए तो सड़क पर खड़े लोगों को बेरहमी तरीके से पिटाई करने का काम किया है. मैं पूरी घटना का निंदा करता हूं.
मुखिया संघ जिलाध्यक्ष ने पीड़ित दुकानदारों से आर्थिक रूप से मदद किया. वहीं कहा कि हम हमेशा गरीबों, पीड़ितों की सेवा करने के लिए तैयार हूं. यदि आम लोगों के लिए जेल भी जाना पड़े तो मैं जाने के लिए तैयार हैं लेकिन सड़क पर गुंडागर्दी होने देंगे.
वार्ड संघ के जिलाध्यक्ष अभय पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है लेकिन जिस तरीके से बंदी के दौरान गुंडागर्दी की गयी है वह काफी निंदनीय है. वे मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष के साथ हैं और उनकी बातों का समर्थन करते हैं.
