एसडीओ और एसडीपीओ बने निगरानी के उड़नदस्ता अफसर
औरंगाबाद नगर : निगरानी विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल व पुलिस अधीक्षक डॉ सत्य प्रकाश ने संयुक्त रूप से सदर एसडीओ प्रदीप कुमार व एसडीपीओ अनुप कुमार को निगरानी विभाग के उड़नदस्ता टीम का पदाधिकारी बनाया है.जारी किए गए पत्र के माध्यम से कहा हैं कि पहले जो एसडीओ […]
औरंगाबाद नगर : निगरानी विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल व पुलिस अधीक्षक डॉ सत्य प्रकाश ने संयुक्त रूप से सदर एसडीओ प्रदीप कुमार व एसडीपीओ अनुप कुमार को निगरानी विभाग के उड़नदस्ता टीम का पदाधिकारी बनाया है.जारी किए गए पत्र के माध्यम से कहा हैं कि पहले जो एसडीओ ,एसडीपीओ थे वे इस टीम में शामिल थे,लेकिन दोनों पदाधिकारी के स्थानांतरण के बाद जिले में यह पद खाली था.
परंतु विभाग के निर्देश पर दोनों नवपदस्थापित पदाधिकारी को निगरानी दल का पदाधिकारी नियुक्त किया गया हैं.जिलाधिकारी ने कहा हैं कि कही से भ्रष्टाचार की सूचना मिलती है तो तत्काल कार्रवाई करना सुनिश्चित करें ,ताकि कोई भी सरकारी सेवक किसी कार्य के लिए रिश्वत की मांग नहीं कर सके .ज्ञात हो की दोनों पदाधिकारी काफी तेज तरार है और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू से ही कार्य कर रहे हैं.इधर जिले वासियों से अपील हैं कि कोई भी सरकारी सेवक किसी कार्य के लिए रिश्वत की मांग करते है तो एसडीओ के मोबाइल नम्बर 9473191263 व एसडीपीओ के मोबाइल नंबर 9431800106 पर सूचना दें सकते है, ताकि भ्रष्टाचारियो के खिलाफ कार्रवाई हो सके.
सरकारी मामलों में दर्ज केस पर करें कार्रवाई : एसपी
गुरुवार को पुलिस अधीक्षक डॉ सत्य प्रकाश ने जिले में लंबित पड़े सभी सरकारी कांडों की समीक्षा की. एसपी ने कहा कि जिले में जितने भी सरकारी मामले दर्ज हुए हैं उन सभी कांडों की समीक्षा की गयी और पाया गया कि जो कांड दर्ज हुआ है उसके अनुसंधानकर्ता द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही हैं ,जिनके ऊपर जल्द ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी. जो पुलिस पदाधिकारी सरकारी कांड के मामले में समय पर आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जेल भेजने की कार्रवाई नहीं करेंगे वैसे अनुसंधानकर्ताओं का वेतन बंद करते हुए निलंबन की कार्रवाई की जाएगी.ज्ञात हो कि जिले में कम से कम 20 ऐसे मामले दर्ज हैं, जिसमें अनुसंधानकर्ता के द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है जो बेहद ही खराब है.