मजदूर नहीं उठा रहे योजनाओं का लाभ

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नहीं सुधीर कुमार सिन्हा औरंगाबाद : इसे जानकारी का अभाव ही कहा जायेगा कि जिले के ठेका मजदूर समेत असंगठित क्षेत्र के मजदूर उनके लिए बनायी गयी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं.श्रम विभाग द्वारा मजदूरों के लिए कई योजनाएं बनायी गयी हैं, लेकिन अनभिज्ञता के […]

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नहीं

सुधीर कुमार सिन्हा

औरंगाबाद : इसे जानकारी का अभाव ही कहा जायेगा कि जिले के ठेका मजदूर समेत असंगठित क्षेत्र के मजदूर उनके लिए बनायी गयी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं.श्रम विभाग द्वारा मजदूरों के लिए कई योजनाएं बनायी गयी हैं, लेकिन अनभिज्ञता के कारण मजदूरों को लाभ नहीं मिल पाता है. वहीं, इन मजदूरों को जागरूक करने के लिए किसी भी स्तर से कोई प्रयास नहीं ही किये जाते हैं.

सरकार द्वारा अपने राज्य के भीतर या राज्य के बाहर कहीं भी काम करने वाले मजदूरों के लिए कई तरह की योजनाएं चला रखी हैं. इसके तहत ठेका मजदूर व असंगठित मजदूरों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ, काम मिलने व काम के बाद निर्धारित मजदूरी मिलने आदि सुनिश्चित की गयी है.

इन लाभकारी योजनाओं से अनजान होने के कारण जिले के मजदूर पलायन करने को विवश हैं. यदि जिले में भी काम करते हैं तो उनके हित के लिए बनायी गयी योजनाओं के प्रति जागरूक नहीं दिखते. यही कारण है कि वे इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाते हैं साथ ही नि:शुल्क मिलने वाली सुविधाओं के लिए अपनी मेहनत के पैसे बिचौलियों के पीछे खर्च कर देते हैं. इससे उनके सामने आर्थिक संकट भी उत्पन्न हो जाती है.

कौन है ठेका मजदूर

वैसे सभी उद्योगों व व्यवसायों में ठेकेदार द्वारा किसी कार्य को कराने का दायित्व लिया गया हो और सालों भर कार्य चलता हो, ऐसे जगहों पर काम करने वाले मजदूर ठेका मजदूर के श्रेणी में आते हैं. ऐसे ही ठेका मजदूरों की दशा को सुधारने एवं उनकी सेवा शर्तो को निर्धारण करने के उद्देश्य से ठेका मजदूर (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम बनाया गया है. इस अधिनियम के तहत ठेकेदार को श्रम विभाग से लाइसेंस लेना आवश्यक है.

असंगठित मजदूर की श्रेणी में कौन

भवन, बांध, पुल, सड़क या किसी अन्य सन्निर्माण प्रक्रिया से संबंधित नियोजन में लगे मजदूर असंगठित मजदूर कहलाते हैं. इस श्रेणी के मजदूरों के लिए बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम बनाया गया है, जिसके तहत असंगठित मजदूर सरकारी लाभ उठा सकते हैं. हालांकि लाभ उठाने के लिए मजदूरों को श्रम विभाग से अपना पंजीयन करवाना होगा. पंजीयन के लिए सभी जिले के श्रम अधीक्षक को पंजीयन अधिकारी घोषित किया गया है.

बाहर भी उठा सकते हैं लाभ

अपने प्रदेश से बाहर दूसरे राज्यों में जाकर काम करने वाले मजदूरों के लिए भी सरकार द्वारा नियम बनाये गये हैं. ऐसे मजदूरों के लिए अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार (नियोजन-विनियमन एवं सेवा शर्ते) अधिनियम पारित किया गया है. यह अधिनियम पूरे देश में लागू किया गया है. इस अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभ किसी भी राज्य में काम करने वाले मजदूर ले सकते हैं.

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