किसानों को नहीं मिल रहा पानी

देखरेख के अभाव में परियोजना के अस्तित्व पर संकट अंबुज कुमार पांडेय अंबा : कृषि की बेहतरी के लिए सिंचाई परियोजनाएं बहुत जरूरी हैं. अंबा में दो परियोजनाओं शुरू हुईं. बटाने नदी में बांध लगा. परता वेयर बनाया गया. बतरे नदी पर बांध लगा. मटिहानी वेयर का निर्माण हुआ था. दोनों वेयरों को सिंचाई परियोजना […]

देखरेख के अभाव में परियोजना के अस्तित्व पर संकट

अंबुज कुमार पांडेय

अंबा : कृषि की बेहतरी के लिए सिंचाई परियोजनाएं बहुत जरूरी हैं. अंबा में दो परियोजनाओं शुरू हुईं. बटाने नदी में बांध लगा. परता वेयर बनाया गया. बतरे नदी पर बांध लगा. मटिहानी वेयर का निर्माण हुआ था. दोनों वेयरों को सिंचाई परियोजना के रूप में विकसित किया गया था.

करोड़ रुपये खर्च किये गये थे. लेकिन, इनकी देखरेख बिल्कुल नहीं हो रही है. इससे परियोजनाएं दम तोड़ने लगी हैं. नहरें निकाली गयी थीं. इससे गांवों की खेतों में सिंचाई होती थी. पर, अब कोई लाभ नहीं मिल रहा. बरसात में ये वेयर कारगर साबित होते हैं. किसानों को इसका लाभ मिलता है. पर, बांध की स्थिति जजर्र हो गयी है.

स्थिति में काफी सुधार की जरूरत है. नहीं, तो बरसात में भी कोई लाभ नहीं मिलेगा. अब इसके अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. इसका मुख्य कारण है, नदी में बांध के समीप सिल्ट जमा होना. सिल्ट के कारण नदी के जल भंडारण में पानी ही नहीं रहता है.

दोनों वेयरों की सबसे बड़ी समस्या है जलजमाव. दोनों वेयरों में पानी का जमा नहीं पाता. नदी में पानी को नियंत्रित करने के लिए बांध के समीप फाटक भी लगाये गये हैं. लेकिन, फाटक का भी बुरा हाल है. फाटक में जंग लग गया है. इससे गेट ऊपर-नीचे नहीं होता है. नदी को बांध कर उसके ऊपर स्लैब भी लगाया गया है.

लेकिन वह भी एक-एक कर उखड़ व बिखर रहे हैं. वेयरों से निकाली गयी नहरों का भी हाल बुरा है. सफाई नहीं करायी गयी है. इससे नहरों में भी सिल्ट जमाव है. घास-फूंस उग आये हैं. बरसात खत्म होते ही नदी में पानी सूख जाते हैं. पानी नहीं रहने से वेयर बिना काम के साबित हो रहे हैं. इन वेयरों पर अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >