बिहार में पुलिस टीम पर हमला, चौकीदार के बेटे ने ASI और महिला सिपाही से की मारपीट!

Attack On Police: गया में बंधक युवक को छुड़ाने एक गांव में गई पुलिस टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. हमले में ASI और एक महिला सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. हमला करने वाला आरोपी चौकीदार का बेटा है. पढ़ें पूरी खबर…

Attack On Police: बिहार में एक बार फिर पुलिस की टीम पर हमला हुआ है. गया जिले के परैया थानाक्षेत्र में पुलिस की टीम पर जानलेवा हमला हुआ है. गुरुवार देर रात मोबारकपुर गांव में बंधक आशिक कुमार को छुड़ाने गई पुलिस पर चौकीदार के बेटे और परिजनों ने हमला कर दिया. इस हमले में एएसआई बाबू पासवान और महिला सिपाही प्रिया कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. ASI के दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं. दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

बंधक युवक को अपने साथ ले गई पुलिस

मोबारकपुर गांव में बुढ़ परैया के रहने वाले आशिक कुमार को कुछ लोगों ने बंधक बना लिया था और उसे बेरहमी से पीटा जा रहा था. मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को हुई, जिसके बाद मौके पर परैया थाने के अतिरिक्त पुलिस बल को भेजा गया. आरोप है कि मोबारकपुर गांव के चौकीदार सुरेश पासवान का बेटा बैजनाथ पासवान वहां मौजूद था, जो शराब की नशा में धुत था. पुलिस ने बंधक आशिक कुमार को छुड़ाने का प्रयास किया. इसी दौरान बैजनाथ और उसके परिजनों ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. पुलिस ने बंधक को छुड़ाने की पूरी कोशिश की. हमले में ASI बाबू पासवान और महिला सिपाही प्रिया कुमारी जख्मी हो गए. हालांकि, पुलिस टीम बंधक आशिक कुमार को किसी तरह अपने साथ थाने ले आई. 

पिता की जगह करता है चौकीदारी

घटना में घायल ASI बाबू पासवान ने बताया, हम मौके पर पहुंचे तो देखा कि युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा था. हमलोगों ने रोकने का प्रयास किया तो बैजनाथ और उसके परिजन हमपर ही टूट पड़े. वहीं महिला सिपाही ने कहा कि हमने घायल हालत में भी बंधक युवक को छुड़ाया. बैजनाथ खुद भी चौकीदारी करता है, लेकिन वह नशे में था. इसी वजह से हिंसक हो गया. बैजनाथ अपने पिता की जगह पर थाने में चौकीदार है. पिता काफी बुढ़े हो चुके हैं.

थानाध्यक्ष का बयान

मामले को लेकर प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि मोबारकपुर गांव में बंधक बनाए गए एक युवक को छुड़ाने गई पुलिस टीम पर चौकीदार के बेटे और उसके परिजनों ने हमला कर दिया. हमले में ASI और एक महिला सिपाही घायल हैं. पुलिस ने युवक को बंधक से छुड़ा लिया है. हमलावर बैजनाथ पासवान समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. जल्द सभी को गिरफ्तार किया जाएगा.

ALSO READ: Toll Tax Increases: पटना से बख्तियारपुर जाना हुआ और भी महंगा! NHAI ने बढ़ाया टोल टैक्स

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >