Arwal News: अरवल जिले में पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अब नकदी और व्यावसायिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग ने कमर कस ली है. एकीकृत बागवानी मिशन के अंतर्गत जिले में हल्दी, अदरक, शारदीय प्याज, बसंती प्याज और हाइब्रिड टमाटर, मिर्च तथा पत्तागोभी की खेती क्लस्टर मॉडल के तहत कराई जाएगी. विभाग ने इसके लिए जिले के पांचों प्रखंडों को शामिल करते हुए कुल 170 हेक्टेयर में खेती का औपबंधिक लक्ष्य निर्धारित किया है.
इस पूरे लक्ष्य को 7 क्लस्टरों में विभाजित किया गया है, जिसके अंतर्गत 25-25 हेक्टेयर के क्लस्टर बनाकर किसानों को संगठित रूप से खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा. योजना का लाभ लेने के लिए जिले के किसान उद्यान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाभुकों का चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा. इसके साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक सिखाने के उद्देश्य से अन्य राज्यों में एक्सपोजर विजिट और विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
मसाला और सब्जी फसलों के लिए 47 लाख से अधिक का अनुदान
जिले में सब्जी और मसाला फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए 47 लाख रुपये से अधिक की योजना स्वीकृत की गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत किसानों को सीधे आर्थिक संबल देने के लिए यह राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी. इस योजना से किसानों की लागत घटेगी और उन्नत किस्म के बीजों व तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
योजना के तहत हल्दी और अदरक जैसी उच्च मूल्य वाली मसाला फसलों की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है. इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 40,000 रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा. इसके अलावा हाइब्रिड टमाटर, शिमला व हरी मिर्च और उन्नत पत्तागोभी की खेती पर भी लागत के अनुरूप सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी.
50 मीट्रिक टन प्याज भंडारण पर 4.50 लाख तक की मदद
प्याज उत्पादक किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने और फसल के सड़न-गलने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्याज भंडारण संरचना (Onion Storage Structure) निर्माण की योजना भी शामिल की गई है. 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक प्याज भंडारण इकाई के निर्माण पर किसानों को लागत का अधिकतम 75 प्रतिशत या 4.50 लाख रुपये तक का प्रत्यक्ष अनुदान (DBT) दिया जाएगा. विभागीय नियमों के अनुसार, प्रति कृषक परिवार को एक भंडारण संरचना के निर्माण का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.
उद्यान पदाधिकारी ने की ऑनलाइन आवेदन की अपील
जिला उद्यान पदाधिकारी राहुल रंजन ने बताया कि जिले में बागवानी फसलों के उत्पादन को व्यावसायिक स्तर पर पहुंचाने के लिए यह क्लस्टर योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी. उन्होंने कहा कि हल्दी, अदरक, शारदीय प्याज, हाइब्रिड टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की क्लस्टर खेती तथा प्याज भंडारण संरचना का लाभ लेने के लिए किसान यथाशीघ्र विभागीय पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा लें, ताकि समय रहते लक्ष्य के अनुसार अनुदान का लाभ उपलब्ध कराया जा सके.
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