Arwal News : अरवल में भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन और विकास योजनाओं के लिए सरकारी जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर डीएम अमृषा बैंस ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में अंचलाधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जमीन की कमी के कारण किसी भी विकासात्मक या जनहितकारी योजना में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
5 से 25 एकड़ या अधिक सरकारी जमीन होगी चिन्हित
डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी भूमि का सर्वेक्षण कर विस्तृत सूची तैयार करने का निर्देश दिया. खासतौर पर 5 एकड़ से लेकर 25 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली जमीन को चिन्हित करने को कहा गया.
सूची में भूमि का स्थान, खाता-खेसरा संख्या, रकबा, प्रकृति और वर्तमान स्थिति का विवरण दर्ज किया जाएगा. इसका उद्देश्य विद्यालय, अस्पताल, छात्रावास, सड़क, सरकारी भवन समेत अन्य परियोजनाओं के लिए जरूरत पड़ने पर तत्काल जमीन उपलब्ध कराना है.
हर शनिवार थाना स्तर पर लगेगा जनता दरबार
भूमि विवादों के निपटारे के लिए प्रत्येक शनिवार संबंधित थाना प्रभारी के साथ समन्वय कर जनता दरबार लगाने का निर्देश दिया गया. इसमें दोनों पक्षों की मौजूदगी में विवादों की सुनवाई कर राजस्व और पुलिस स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
भू-समाधान पोर्टल पर होगी हर मामले की निगरानी
डीएम ने निर्देश दिया कि जनता दरबार और अन्य माध्यमों से प्राप्त सभी भूमि विवादों की जानकारी भू-समाधान पोर्टल पर समय पर दर्ज की जाए. लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए कार्रवाई की स्थिति भी पोर्टल पर अपडेट करने को कहा गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि विवादों के निपटारे में निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए. बैठक में अपर समाहर्ता, सभी अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
