अरवल: ईईएसएल का मेंटेनेंस करार खत्म होते ही शहर में पसरा अंधेरा; 1800 स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब, राहगीरों में खौफ

अरवल शहर अंधेरे में डूब गया है. केंद्र सरकार की स्ट्रीट लाइटें खराब होने से 1800 से ज़्यादा लाइटें बंद पड़ी हैं. अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व सक्रिय हो रहे हैं, जिससे नागरिकों में असुरक्षा का माहौल है.

Arwal News: अरवल नगर परिषद क्षेत्र को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के स्ट्रीट लाइट नेशनल प्रोग्राम (एसएलएनपी) के तहत लगाई गई स्ट्रीट लाइटें देखरेख के अभाव में दम तोड़ रही हैं. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और संकरी गलियों में लगीं आधे से अधिक स्ट्रीट लाइटें और हाईमास्ट लाइटें पिछले कई महीनों से बंद पड़ी हैं. शाम ढलते ही शहर के अधिकांश मुख्य मार्गों और रिहायशी मोहल्लों में सन्नाटा और घना अंधेरा पसर जाता है. अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों और राहगीरों में हमेशा अनहोनी और छिनतई का भय बना रहता है.

6500 में से 1800 लाइटें खराब, करार खत्म होने से गहराया संकट

नगर निकाय क्षेत्र को रोशन करने के लिए भारत सरकार के उपक्रम 'एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड' (ईईएसएल) के जरिए अरवल नगर परिषद क्षेत्र में कुल 6500 एलईडी स्ट्रीट लाइटें और 16 हाईमास्ट लाइटें लगाई गई थीं. सड़कों की चौड़ाई के हिसाब से अलग-अलग क्षमता के बल्ब लगाए गए थे, जिनमें 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में 45 वॉट, 20 से 22 फीट चौड़ी सड़कों पर 70 वॉट और मुख्य मार्गों पर 110 वॉट के एलईडी बल्ब शामिल थे. अनुबंध की शर्तों के अनुसार संबंधित कंपनी को सात वर्षों तक इन लाइटों के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी निभानी थी. सात वर्ष की अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद नगर परिषद द्वारा किसी नई एजेंसी के साथ रख-रखाव का नया अनुबंध नहीं किया गया. इसका नतीजा यह हुआ कि जो लाइटें एक बार खराब हुईं, उनकी मरम्मत कराने वाला कोई नहीं रहा और वर्तमान में लगभग 1800 से अधिक लाइटें पूरी तरह बेकार पड़ी हैं.

खराब स्ट्रीट लाईट | Prabhat Khabar Network

पटना रोड से लेकर बैदराबाद बाजार तक पसरा सन्नाटा

शहर के व्यस्ततम इलाकों में भी नगर परिषद की लापरवाही साफ नजर आ रही है. पटना रोड स्थित प्रमुख भगत सिंह चौक से लेकर अहियापुर तक दर्जनों पोलों पर लगी स्ट्रीट लाइटें महीनों से बुझी पड़ी हैं. यही बदहाल स्थिति शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र बैदराबाद बाजार की भी है, जहां शाम के वक्त ग्राहकों और व्यापारियों की भारी भीड़ रहती है, लेकिन अंधेरा रहने के कारण आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. इसके अलावा शहर के विभिन्न आंतरिक वार्डों और मोहल्लों की गलियों में भी खंभों पर लगी लाइटें केवल शो-पीस बनकर रह गई हैं.

नगर परिषद का दावा: जल्द दुरुस्त होंगी खराब लाइटें

"शहर की बंद और खराब पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को चिह्नित कर उन्हें ठीक करने की जिम्मेदारी दे दी गई है. तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और बहुत जल्द मरम्मत का कार्य शुरू कराकर सभी प्रमुख मार्गों और गलियों की लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा, ताकि नागरिकों को आवागमन में कोई असुविधा न हो." मोनू कुमार, पदाधिकारी, नगर परिषद, अरवल

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By निशिकांत सिंह

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