Bihar News: (निशिकांत) अरवल नगर परिषद की महत्वाकांक्षी सब्जी मंडी परियोजना फिलहाल कानूनी विवाद में फंस गई है. अरवल नगर परिषद द्वारा कराए जा रहे सब्जी मंडी और मछली मंडी निर्माण कार्य पर अदालत ने रोक लगा दी है. यह कार्रवाई जमीन विवाद से जुड़े मामले में की गई है.
निजी जमीन पर निर्माण का आरोप
जानकारी के अनुसार, अरवल निवासी छोटन पासवान ने अरवल मुंसिफ कोर्ट में परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि नगर परिषद उनकी निजी जमीन पर जबरन सब्जी मंडी और मछली मंडी का निर्माण करा रहा है. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि संबंधित जमीन का राजस्व रसीद वर्ष 1934 से उनके पूर्वजों के नाम पर जारी है और उनका परिवार वर्षों से उस जमीन पर कब्जे के साथ जीविकोपार्जन करता आ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद बिना उचित प्रक्रिया अपनाए जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है.
अदालत ने प्रथम दृष्टया माना मामला गंभीर
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रथम दृष्टया इसे गंभीर माना. आदेश में कहा गया कि वादी पक्ष लंबे समय से अपने पूर्वजों के समय से जमीन पर दखल-कब्जा रखते हुए राजस्व का भुगतान करता रहा है. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रतिवादी पक्ष द्वारा बिना समुचित जांच के सीमांकन कराकर भूमि पर कब्जा करने और वादी को बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो प्रथम दृष्टया न्यायिक हस्तक्षेप योग्य मामला प्रतीत होता है.
18 मई तक अतिक्रमण हटाने का आदेश
अरवल मुंसिफ कोर्ट ने निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए संबंधित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया है. अदालत ने इस संबंध में 18 मई तक आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है. इस फैसले के बाद नगर परिषद की सब्जी मंडी परियोजना पर फिलहाल संकट के बादल मंडराने लगे हैं. वहीं मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई है.
