जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा मानकों के अनुपालन, वाहन जांच, चालकों के प्रशिक्षण, सड़क संकेतक और अन्य सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गयी. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया.
वाहन चालकों को दिया गया सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण
जिला परिवहन पदाधिकारी निकीता कुमारी ने जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकारी और गैर-सरकारी वाहन चालकों को सुरक्षित वाहन परिचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. प्रशिक्षण के दौरान चालकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा मानकों और विभिन्न सड़क संकेतों एवं चिन्हों की जानकारी दी गयी.
नियमित वाहन जांच पर डीएम का जोर
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि जिले में विशेष वाहन जांच नियमित रूप से की जा रही है. इसके माध्यम से यातायात नियमों के अनुपालन की निगरानी की जा रही है. नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है. बैठक में वाहन जांच को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गयी.
अरवल में बनेंगे चार्जिंग स्टेशन
बैठक में पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि जिले के लिए निर्धारित छह चार्जिंग स्टेशनों के लक्ष्य के विरुद्ध चार स्थलों का चयन कर लिया गया है. चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
कैनाल रोड पर लगेंगे रिफ्लेक्टर और साइनेज
जिला पदाधिकारी ने सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से कैनाल रोड सहित अन्य महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्गों पर रिफ्लेक्टर एवं आवश्यक साइनेज लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने सड़क किनारे स्थित पेड़ों पर भी रिफ्लेक्टर टेप लगाने और रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा.
दुर्घटना संभावित स्थलों की होगी पहचान
डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित करने का निर्देश दिया. ऐसे स्थानों पर आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया. उन्होंने सड़क सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.
जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने वाहन चालकों और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित वाहन जांच, प्रशिक्षित चालक, यातायात नियमों का पालन और सड़क सुरक्षा से जुड़ी आधारभूत सुविधाएं बेहद जरूरी हैं.
विभागों के बीच समन्वय से मजबूत होगी सड़क सुरक्षा
डीएम अमृषा बैंस ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा. सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया गया. बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.
