अरवल में जिंदा मछली बिक्री केंद्र खोलकर मालामाल होंगे व्यवसायी, सरकार दे रही है 60% का अनुदान

Arwal News: अरवल जिले के मछली पालकों के लिए खुशखबरी है. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अब आप अपना जिंदा मछली बिक्री केंद्र’ खोल सकते हैं. ₹40 लाख की इस योजना में सरकार 60 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है. इस आधुनिक केंद्र में ऑक्सीजन और पानी की व्यवस्था होगी, जिससे मछलियां कई दिनों तक ताजी रहेंगी और आपको मिलेगा बेहतर मुनाफा.

Arwal News: मछली पालन के क्षेत्र में क्रांति लाने और मत्स्य पालकों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत एक नई पहल शुरू की गई है. अब अरवल जिले में जिंदा मछली बिक्री केंद्र खोलकर व्यवसायी न केवल अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को ताजी और जिंदा मछली भी उपलब्ध करा सकते हैं.

क्यों है यह योजना खास?

बाजार में जिंदा मछली की भारी मांग को देखते हुए सरकार ने इस यूनिट की स्थापना पर जोर दिया है. अक्सर संसाधन न होने के कारण मछली पकड़ने के बाद उन्हें कम कीमत पर बेचना पड़ता है. इसलिए इस केंद्र में 24 घंटे पानी और ऑक्सीजन की आधुनिक व्यवस्था होगी, जिससे किसी भी प्रजाति की मछली को 3 से 4 दिनों तक सुरक्षित और जिंदा रखा जा सकेगा. साथ ही बिचौलियों की भूमिका कम होगी और मत्स्य पालकों को अपनी उपज का सही बाजार मूल्य मिल पाएगा.

अनुदान और वित्तीय सहायता: किसे कितना मिलेगा लाभ?

जिंदा मछली बिक्री केंद्र की यह योजना कुल ₹40 लाख की है, जिसमें सरकार भारी सब्सिडी दे रही है. महिला/SC/ST वर्ग की बात करें तो उन्हें योजना की लागत का 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा. वहीं सामान्य वर्ग कोयोजना की लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा.

बता दें कि अनुदान की राशि दो किस्तों में दी जाएगी. पहली किस्त स्थल निरीक्षण के बाद और दूसरी किस्त काम पूरा होने के बाद लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी.

बिक्री केंद्र का स्वरूप और अहर्ताएं

योजना के तहत 20×10 का कमरा, 5 फीट ऊंचा और 3 फीट चौड़ा हॉज, वजन मशीन, काउंटर, शौचालय और बोरिंग की सुविधा विकसित की जाएगी.

सरकार की तरफ से अनिवार्य शर्तें भी रखे गए हैं जैसे आवेदक के पास अपना पोखर (तालाब) होना चाहिए. साथ ही बिक्री केंद्र के लिए जमीन सड़क किनारे होना अनिवार्य है ताकि व्यापार सुगम हो सके. इच्छुक लाभार्थी जरूरी दस्तावेजों के साथ विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी?

अरवल के जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष आनंद  ने बताया कि ताजी और जिंदा मछली के भंडारण व बिक्री के लिए यह एक बहुआयामी योजना है. इससे न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर उत्पाद मिलेगा, बल्कि स्थानीय मछुआरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी. इस योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उन्हीं को दिया जाएगा जिनके पास अपना तालाब और सड़क किनारे भूमि उपलब्ध है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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