Arwal News: (अंजनी कुमार की रिपोर्ट) अरवल जिले के कलेर प्रखंड स्थित ऐतिहासिक मधुश्रवा मलमास मेला में रविवार को श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. अवकाश का दिन होने के कारण सुबह से ही मेला परिसर लोगों की भीड़ से गुलजार रहा. अनुमान के अनुसार दिनभर में 20 से 25 हजार श्रद्धालु एवं पर्यटक मेले में पहुंचे.
मधुश्रवा मलमास मेला में धार्मिक आस्था के साथ मनोरंजन का भी अनूठा संगम देखने को मिला. मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद उठाया. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह देखने को मिला.
प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. कलेर बीडीओ मनोज कुमार, मेहंदिया थानाध्यक्ष मनोरंजन कुमार समेत कई अधिकारी एवं पुलिसकर्मी लगातार मेला क्षेत्र में गश्त करते रहे. भीड़ प्रबंधन के लिए चार प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई.
पहली बार पहुंचे पर्यटकों ने सराही भव्यता
रविवार को अरवल जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे. पहली बार मेला पहुंचे लोगों ने इसकी भव्यता, धार्मिक वातावरण और बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की. मेले में लगे बड़े झूले, खेल-तमाशे, जादू शो, मौत का कुआं और बच्चों के मनोरंजन के विभिन्न साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे. इसके अलावा खानपान, खिलौने, घरेलू उपयोग की वस्तुओं और अन्य दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही.
मेहंदिया बाजार में बढ़ी रौनक, व्यापारियों के चेहरे खिले
मधुश्रवा मेला के निकट स्थित मेहंदिया बाजार में भी मेले का असर साफ दिखाई दिया. हजारों लोगों की आवाजाही से कपड़ा, किराना, श्रृंगार, मिठाई और अन्य दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही. होटल, रेस्टोरेंट और चाय-नाश्ते की दुकानों पर भी दिनभर चहल-पहल बनी रही. इससे स्थानीय व्यापारियों में उत्साह देखा गया और व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
यादगार रहा रविवार का दिन
दोपहर बाद हुई हल्की बारिश से कुछ समय के लिए मेले की रफ्तार धीमी पड़ी, लेकिन बारिश थमते ही एक बार फिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी. शाम होते-होते मेला परिसर रंग-बिरंगी रोशनी और लोगों की चहल-पहल से जगमगा उठा.
श्रद्धा, संस्कृति और मनोरंजन के संगम के रूप में स्थापित मधुश्रवा मलमास मेला में रविवार का दिन विशेष रूप से यादगार रहा. भारी भीड़, प्रशासनिक सतर्कता, बाजारों में बढ़ी रौनक और उत्सवपूर्ण माहौल ने मेले की भव्यता को और अधिक आकर्षक बना दिया.
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