Arwal News (निशिकांत कि रिपोर्ट): किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए अरवल जिले के बड़े आहर, पोखर और पईन के जीर्णोद्धार की योजना बनाई जा रही है. इसी क्रम में लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिले के सबसे बड़े और पुराने भैसासुर आहर का सर्वे कराया जा रहा है. लघु सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता मनोरंजन कुमार ने बताया कि भैसासुर आहर का पूर्णोद्धार किया जाएगा. इसके लिए विभाग की ओर से सर्वे कराया जा रहा है और सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद विभाग को भेजी जाएगी.
किसानों को सिंचाई में मिलेगी सुविधा
अभियंता ने बताया कि भैसासुर आहर और पईन का जीर्णोद्धार होने से किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर में गिरावट को रोकने में मदद मिलेगी. विभाग की ओर से आहर-पईन की उड़ाही कराई जाएगी और जहां जरूरत होगी वहां सुरक्षा दीवार का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि तटबंध मजबूत हो सके और किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
अरवल और पटना के दर्जनों गांव होंगे लाभान्वित
मालूम हो कि भैसासुर आहर से अरवल और पटना जिले के दर्जनों गांव लाभान्वित होते हैं. इस आहर से मुख्य रूप से अईयारा, रामपुर, छक्कन बिगहा और पुरैनिया तक के किसान खेती करते हैं. इसके अलावा पटना जिले के कई गांवों के किसानों की सिंचाई भी इसी आहर से होती है. आहर की उड़ाही नहीं होने के कारण ऊपरी हिस्से के किसानों को पैदावार में नुकसान उठाना पड़ता है. विभाग का मानना है कि जीर्णोद्धार के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी.
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