Arwal News: (निशिकांत की रिपोर्ट): राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित आईडीए इम्पैक्ट सर्वे के सफल संचालन को लेकर जिला समन्वय समिति की बैठक सिविल सर्जन सभागार में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. राज किशोर प्रसाद ने की.
बैठक में बताया गया कि जिले के कुर्था, बंशी और कलेर प्रखंडों के चिन्हित 10-10 गांवों में माइक्रो फाइलेरिया संक्रमण की जांच की जाएगी. यह जांच विशेष तकनीक के माध्यम से की जाएगी, जिसमें 20 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा. जांच दिन के समय की जाएगी और लगभग 20 मिनट में परिणाम उपलब्ध होगा. प्रत्येक चयनित गांव में 105 व्यक्तियों के रक्त नमूनों की जांच की जाएगी. इस प्रकार तीनों प्रखंडों में कुल 3,150 लोगों की जांच की जाएगी. यह सर्वेक्षण 8 जून से शुरू किया जाएगा.
फाइलेरिया रोधी दवाओं का वितरण करने का फैसला
बैठक में बताया गया कि यदि सर्वे में माइक्रोफाइलेरिया पॉजिटिविटी दर 2 प्रतिशत से अधिक पाई जाती है, तो संबंधित प्रखंडों में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (MDA) के तहत फाइलेरिया रोधी दवाओं का वितरण और सेवन कराया जाएगा. वहीं 2 प्रतिशत से कम पॉजिटिविटी दर होने पर उस क्षेत्र में एमडीए कार्यक्रम संचालित नहीं किया जाएगा.
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायती राज विभाग, जीविका, शिक्षा विभाग और आईसीडीएस के सहयोग पर जोर दिया गया. सभी विभागों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया और सहयोग का आश्वासन दिया.
बैठक में उपस्थित अधिकारी
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. नंद बिहारी शर्मा ने सभी विभागीय प्रतिनिधियों से अभियान को सफल बनाने की अपील की. बैठक में एमओआईसी, बीएचएम, बीसीएम, हेल्थ एजुकेटर सहित डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. अरुण कुमार, वीबीडी कंसल्टेंट मनोज कुमार तथा पिरामल फाउंडेशन के विनोद कुमार सिंह भी उपस्थित रहे.
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