प्रमाणपत्र बनाने में नहीं होता नियम का पालन

कलेर (अरवल) : सरकार द्वारा आम लोगों की परेशानी को देखते हुए सभी कायों के लिए समय का निर्धारण कर किया गया है. समय का अनुपालन नहीं हो पा रहा है, अर्थात लोक सेवा अधिकार की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं. कलेर में लोक सेवा के तहत दी जानेवाली सेवाओं में आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, […]

कलेर (अरवल) : सरकार द्वारा आम लोगों की परेशानी को देखते हुए सभी कायों के लिए समय का निर्धारण कर किया गया है. समय का अनुपालन नहीं हो पा रहा है, अर्थात लोक सेवा अधिकार की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं. कलेर में लोक सेवा के तहत दी जानेवाली सेवाओं में आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आचरण प्रमाणपत्र परेशानी का सबब बना हुआ है.

पहले तो विधान परिषद चुनाव का हवाला दिया गया. उसके बाद विधानसभा चुनाव का. इन चुनावों का बहाना बनाते हुए प्रखंड के अधिकारियों द्वारा लोगों को टहलाया जा रहा है. लोग उनकी मजबूरी को समझ कर हर दिन वापस लौट जाते हैं. आवासीय जाति बनाने में एेसे तो सरकार द्वारा 21 दिनों का समय निर्धारित है,

लेकिन लोगों की आवश्यकता को समझते हुए तत्काल सेवा की व्यवस्था की गयी है, जिसके तहत 24 घंटे के अंदर इस तरह के प्रमाणपत्र उपलब्ध कराये जाने हैं, लेकिन यह सेवा लागू होने के बाद भी लोगों को प्रमाणपत्र लेने के लिए दस से पंद्रह दिनों का समय लिया जा रहा है. वर्तमान में कलेर प्रखंड में अगर सबसे ज्यादा समस्या अगर किसी चीज की है तो वह प्रमाणपत्र बनवाने की है.

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