अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दुर्गापूजा

अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दुर्गापूजा करपी (अरवल) : दुर्गापूजा के पवित्र मौके पर वंशी प्रखंड के सोनभद्र गांव में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध कथा वाचक शांतुन जी महाराज ने कहा कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दुर्गापूजा है. आज समाज में अशांति […]

अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है दुर्गापूजा

करपी (अरवल) : दुर्गापूजा के पवित्र मौके पर वंशी प्रखंड के सोनभद्र गांव में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध कथा वाचक शांतुन जी महाराज ने कहा कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दुर्गापूजा है. आज समाज में अशांति फैलाने का मुख्य कारण मानसिक अशांति है.

धार्मिक प्रवचन सुनने से लोगों को मानसिक शांति मिलती है. समाज में शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन अति आवश्यक है. धार्मिक अनुष्ठान से लोगों को सदबुद्धि आती है शांतिऔर विकास का मार्ग प्रशस्त होता है. कथा सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >