करपी (अरवल) : जहानाबाद जिले के टेहटा गांव निवासी श्रवण कुमार ने अपने ही सास पर अपनी पत्नी एवं बच्चों को साजिश के तहत अपहरण करने का आरोप लगाया है. श्रवण कुमार ने बताया कि मैं अपने परिवार के साथ पटना के राजीव नगर में किराये के मकान में रह कर निजी काम करता हूं.
मेरी शादी शहर तेलपा ओपी के खड़ासीन गांव निवासी जयराम प्रसाद की पुत्री शोभा देवी से 2003 में हुई थी, जिससे दो बच्चे एक पांच वर्ष का अंकित एवं दूसरा तीन वर्ष का आदित्य है. जनवरी माह में मेरी सास देवंती देवी यह कह कर पत्नी को मायके बुलायी की घर में कोई नहीं है, कुछ दिनों के लिए भेज दें. हमारी पत्नी दोनों बच्चों को साथ लेकर मायके चली आयी.
24 जनवरी को ससुराल फोन किया तो जवाब मिला कि वह पटना चली गयी है. पटना नहीं पहुंचने पर अपने भाई के साथ ससुराल खड़ासीन पहुंच कर काफी खोजबीन किया, लेकिन पता नहीं चला, तो मेरे ससुर जयराम प्रसाद 30 जनवरी को शहर तेलपा ओपी में अज्ञात व्यक्ति पर झांसा देकर भागा ले जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिक दर्ज करवायी. श्रवण ने बताया कि गांव के कुछ लोगों से मालूम करने पर बताया गया कि एक साजिश के तहत अपनी पत्नी को सास ने गांव के ही हसुना खातून नामक मुसलिम लड़की के सहयोग से गायब कर दी है, तब से अपनी पत्नी और बच्चों की खोज में दर-दर भटक रहा हूं.
बाद में सास ने दो हजार रुपये की मांग करते हुए कही कि रुपये दे दें, तो शोभा समेत बच्चे आपको मिल जायेंगे. हमने पैसे भी दे दिये, लेकिन पत्नी और बच्चे नहीं मिले. हसुना खातून से पूछे जाने पर कभी दिल्ली, तो कभी मोतिहारी में मेरी पत्नी को रखे जाने की बात कही जाती है. पीड़ित श्रवण ने बताया कि पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी गुहार लगाने गया, लेकिन मुख्यमंत्री के नहीं रहने के कारण दरबार में उपस्थित अन्य पदाधिकारी को आवेदन देकर चला आया. पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि शहर तेलपा पुलिस को चार मोबाइल नंबर भी संदिग्ध व्यक्तियों का दिया था. इसके बावजूद भी मेरी पत्नी की खोज दो माह बाद भी नहीं किया जा सका. केस के अनुसंधान कर्ता से बात करते हैं, तो डांट-फटकार कर भगा देते हैं.
क्या कहती है पुलिस
इस संबंध में ओपी अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार से पूछे जाने पर बताया कि अनुसंधान जारी है. पीड़ित पति श्रवण कुमार अपने पत्नी और बच्चों की खोज में दर-दर भटक रहे हैं. दो माह से अधिक समय बीत जाने पर भी बीबी-बच्चों के नहीं मिलने से अनहोनी का अंदेशा है.
