कलेर : सोन नदी के किनारे बसने वाले लोग शायद यह नहीं सोचे होंगे कि सोन जो आज हमलोगों के लिए गौरव की बात है, कल यह जानलेवा बनेगा. ऐसी ही स्थितियों का सामना करने को विवश हैं सोन तटीय ग्राम के लोग. ऐसा इसलिए नहीं कहा जा रहा कि सोन नदी में पानी है और इस पानी के चलते लोग परेशान हैं, बल्कि इस सोन का इस्तेमाल बालू माफिया अवैध खनन के रूप में कर रहे हैं, जिसका परिणाम भुगतने को तैयार हैं सोन किनारे बसे लोग.
और कई घटनाओं का गवाह बन सकता है सोन

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कलेर : सोन नदी के किनारे बसने वाले लोग शायद यह नहीं सोचे होंगे कि सोन जो आज हमलोगों के लिए गौरव की बात है, कल यह जानलेवा बनेगा. ऐसी ही स्थितियों का सामना करने को विवश हैं सोन तटीय ग्राम के लोग. ऐसा इसलिए नहीं कहा जा रहा कि सोन नदी में पानी है […]
बीते कई वर्षों से बालू के खनन में काफी तेजी आयी है. खनन विभाग द्वारा बालू खनन को लेकर कई मापदंड बनाये गये हैं, लेकिन बालू खनन करने वाले लोगों को नियम से क्या वास्ता? नियम कुछ कहे और काम कुछ. यही स्थितियों से बालू का खनन होते रहा तो परिणाम बुरा हो सकता है. हाथी की ऊंचाई तक कहीं-कहीं बालू का खनन किया गया है और यही लोगों के लिए जानलेवा बना हुआ है. पूर्व के हालातों को समझते हुए लोग सोन नदी में स्नान करने जा रहे हैं. गड्ढे की जानकारी नहीं होने पर इस गड्ढे में चले जाते हैं और परिणाम होता है मौत. इस तरह की हालात केवल मसदपुर घाट पर ही नहीं, बल्कि जिले के तमाम घाटों पर है.
यह सही बात है कि बीते दिन तीन बच्चियों की मौत मसदपुर स्थित सोन घाट पर ही हुआ, लेकिन इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि मसदपुर जैसे घटनाएं अन्य घाटों पर न घटे. कारण स्पष्ट कि जिस तरह से खनन का कार्य इस घाट पर हुआ है, इससे ज्यादा विपरीत तरीके से दूसरे घाटों पर. आवश्यकता है इस तरह के जगहों को चिह्नित कर लोगों को इन जगह पर जाने से रोक लगाने की, जिससे कि कल की घटनाओं का पुनरावृति न हो.
मृतक के परिजनों से मिले जिप अध्यक्ष
कलेर : बीते सोमवार को मसदपुर के सोन नदी में स्नान करने के दौरान तीन बच्चियों की हुई मौत के बाद शोक संवेदना देने का कार्य लगातार जारी है. मंगलवार को शोक संवेदना देने पहुंचे अरवल के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रंजय कुमार मसदपुर पहुंचकर मृतक के आश्रितों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया.
पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा मृत्यु के कारणों और उसके बाद की हालातों का जायजा लिया गया व इनके द्वारा अपने स्तर से पीड़ित परिवारों को कुछ आर्थिक सहायता भी प्रदान की गयी. रंजय कुमार द्वारा पीड़ितों को ढांढस बांधते हुए कहा कि मैं हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ा हूं. आप किसी भी समय मेरा सहयोग ले सकते हैं. घटना दुर्घटना नियति है जो किसी के साथ घट सकता है. रंजय कुमार के अलावा जिला एवं प्रखंड के अन्य गणमान्य लोगों का आगमन मसदपुर में होता रहा.