आरा आने वाली ट्रेनों में टिकट की मारामारी, बुकिंग खुलते ही सीटें फुल, दुर्गापूजा, दिवाली और छठ पर घर आना मुश्किल

Arrah Train Ticket Booking : दुर्गापूजा, दीपावली और छठ पर घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए ट्रेनों में टिकट मिलना सिरदर्द बन गया है. बुकिंग शुरू होते ही प्रमुख ट्रेनों की सीटें फुल हो रही हैं. सर्वर की समस्या और भीड़ से यात्री परेशान हैं.

Arrah Train Ticket Booking : दुर्गापूजा, दीपावली और छठ पर बिहार लौटने की तैयारी कर रहे दूसरे प्रदेशों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. रेलवे में टिकट बुकिंग शुरू होते ही बिहार आने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में सीटें तेजी से भर जा रही हैं. यात्रियों को एक ओर ऑनलाइन बुकिंग के दौरान सर्वर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर बुकिंग शुरू होने के कुछ ही देर बाद कई ट्रेनों में ‘रिग्रेट’ दिखने लगा है.

त्योहारों से पहले बिहार आने वाली ट्रेनों में टिकट की मारामारी

दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों में दूसरे प्रदेशों में नौकरी, पढ़ाई, व्यवसाय और रोजगार करने वाले बड़ी संख्या में लोग बिहार लौटते हैं. यही वजह है कि त्योहारों से काफी पहले ही ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ जाती है.

गुरुवार को 9 अक्टूबर की यात्रा के लिए आरक्षित टिकट की बुकिंग शुरू होते ही कई प्रमुख ट्रेनों में विभिन्न श्रेणियों की सीटें तेजी से भर गयीं. श्रमजीवी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस और पुणे-सुपौल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों को सीट हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.

बुकिंग शुरू होते ही बढ़ जाता है सर्वर पर लोड

त्योहारी सीजन को देखते हुए यात्री कई दिनों से टिकट बुकिंग विंडो खुलने का इंतजार कर रहे थे. निर्धारित समय पर बड़ी संख्या में यात्री एक साथ ऑनलाइन लॉगिन करते हैं. इस दौरान वेबसाइट पर अधिक लोड पड़ने से कई लोगों को सर्वर खुलने या बुकिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परेशानी होती है.

बुकिंग प्रक्रिया पूरी करने में कुछ मिनट की देरी भी यात्रियों के लिए भारी पड़ रही है. जब तक यात्री सीट और यात्री विवरण की प्रक्रिया पूरी कर पाते हैं, तब तक कई ट्रेनों में बड़ी संख्या में सीटें बुक हो चुकी होती हैं.

सर्वर की परेशानी के बीच सीटें खत्म होने से उठे सवाल

टिकट नहीं मिलने से परेशान यात्रियों ने आरक्षित टिकट बुकिंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाये हैं. यात्रियों का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुक करने की कोशिश के दौरान उन्हें सर्वर की समस्या का सामना करना पड़ता है, जबकि बुकिंग शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद सीटें उपलब्ध नहीं रहती हैं.

इस स्थिति के बीच कुछ यात्रियों ने टिकट दलालों और अनधिकृत बुकिंग को लेकर आशंका भी जतायी है. हालांकि, इस संबंध में किसी तरह की अनियमितता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए इन आशंकाओं को फिलहाल यात्रियों की शिकायत और चिंता के तौर पर ही देखा जा रहा है.

कंफर्म टिकट नहीं मिला तो जनरल कोच का सहारा

आरक्षित टिकट नहीं मिलने की स्थिति में बड़ी संख्या में यात्रियों को जनरल टिकट के सहारे यात्रा करनी पड़ सकती है. त्योहारों के दौरान सामान्य श्रेणी के कोचों में पहले से ही यात्रियों की भीड़ काफी बढ़ जाती है.

जनरल टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर घंटों पहले पहुंचना पड़ सकता है. इससे प्रमुख स्टेशनों पर लंबी कतार, भीड़ और यात्रियों की परेशानी बढ़ने की आशंका है.

स्पेशल ट्रेनों से राहत मिलने की उम्मीद

ट्रेनों में बढ़ती मांग के बीच यात्रियों की नजर अब रेलवे की ओर से चलायी जाने वाली त्योहार स्पेशल ट्रेनों पर है. यात्रियों का कहना है कि दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के दौरान बिहार लौटने वालों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक होती है.

ऐसे में केवल नियमित ट्रेनों के भरोसे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है. यात्रियों ने पर्याप्त संख्या में स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की मांग की है, ताकि त्योहारों के दौरान घर लौटने वालों को राहत मिल सके.

यात्रियों ने बतायी टिकट बुकिंग की परेशानी

आरा निवासी रोहित कुमार, विनोद कुमार और संदीप कुमार तथा पकड़ी निवासी मनोज कुमार और बिट्टू ने बताया कि वे दीपावली और छठ में घर आने के लिए अक्टूबर और नवंबर की टिकट बुक करने का प्रयास पिछले कई दिनों से कर रहे हैं.

यात्रियों के अनुसार, बुकिंग शुरू होने के समय रेलवे का सर्वर ठीक से काम नहीं करता. जब तक ऑनलाइन प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तब तक सीटें फुल हो जाती हैं. उनका कहना है कि त्योहारों में घर आने के लिए कंफर्म टिकट हासिल करना अब बड़ी चुनौती बन गया है.

रेलवे के लिए बढ़ी चुनौती

त्योहारों के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ रेलवे के सामने अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन और भीड़ प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ेगी. यात्रियों को अब त्योहार स्पेशल ट्रेनों की घोषणा और अतिरिक्त सेवाओं का इंतजार है. वहीं, ऑनलाइन बुकिंग के दौरान सर्वर पर बढ़ने वाले दबाव को कम करना भी यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.

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By दीपक कुमार गुप्ता

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