तरारी.
प्रखंड के अधिकांश पैक्स में धान भंडारण के लिए पर्याप्त सुविधा नहीं है. सबसे अधिक खरीदारी करने वाला बसौरी पैक्स का गोदाम जर्जर हो चुका है, जिसके कारण पैक्स अध्यक्ष को किराये के गोदाम में धान रखने की मजबूरी है. बसौरी पैक्स का गोदाम सिकरौल गांव में 2014 में बना था. जो जर्जर होने और और गढ्ढे में होने के कारण गोदाम के अंदर आहर का पानी रिसने लगता है, जिससे धान खराब होने लगता है. जाने के लिए ट्रैक्टर का रास्ता नहीं है. वहीं चकियां पंचायत में तो गोदाम ही नहीं है. वहीं बड़कागांव पैक्स में एक हजार एमटी, सेददां में पांच सौ एमटी और अन्य पंचायतों में केवल 100 से 200 एमटी क्षमता वाले गोदाम है. प्रखंड में अरवा चावल मिल बड़कागांव, जेठवार, करथ, बिहटा, मोआपखुर्द, पनवारी पैक्स में संचालित है. जबकि शेष 13 पैक्स दूसरे मिल पर आधारित है. उसके बाद उसीना चावल एसएफसी को आपूर्ति करते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
