नगर में कई फ्लड लाइटें हैं खराब, नहीं किया जा रहा है मरम्मत

अच्छी प्रकाश की व्यवस्था को लेकर नगर में दर्जनों स्थानों पर फ्लड लाइटें लगायी गयी हैं, पर कुव्यवस्था के कारण कई फ्लड लाइटें खराब हो गयी हैं.

आरा. अच्छी प्रकाश की व्यवस्था को लेकर नगर में दर्जनों स्थानों पर फ्लड लाइटें लगायी गयी हैं, पर कुव्यवस्था के कारण कई फ्लड लाइटें खराब हो गयी हैं. इनका मरम्मत नहीं किया जा रहा है. इससे नगर वासियों को काफी परेशानी हो रही है. रात्रि में आने-जाने में समस्या होती है.

चंदवा मोड़ की फ्लड लाइट हो गयी है खराब : चंदवा मोड़ का फ्लड लाइट खराब हो गया है. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. आरा से बक्सर जाने वाली मुख्य सड़क पर फ्लड लाइट स्थापित किया गया है. वर्षों से फ्लड लाइट काफी अच्छा काम कर रहा था. पर इधर एक सप्ताह से यह खराब हो चुका है. फ्लड लाइट में लगे जितने भी एलइडी बल्ब हैं, वह सही ढंग से नहीं जल रहे हैं. कुछ बल्ब तो बिल्कुल ही नहीं जल रहे हैं. वहीं कुछ बल्ब की स्थिति ऐसी है कि जलते हैं और बंद होते हैं. लगातार यही प्रक्रिया चलते रहती है. ऐसे में प्रकाश लोगों को नहीं मिल पा रहा है. आरा से काफी संख्या में वाहन इस सड़क के माध्यम से बक्सर की तरफ जाते हैं. अंधेरा रहने पर इस मोड़ पर उन्हें काफी परेशानी होती है. एक्सीडेंट का खतरा बना रहता है. वही विगत एक माह से वीर कुंवर सिंह मैदान में लगे तीन फ्लड लाइट कई बार खराब हो गयी हैं. एक दो बार इसका मरम्मत भी कराया गया तो 1 से 2 दिन में फिर से खराब हो जाते हैं. तीन में से दो खराब होते हैं तो एक जलता है. कभी दो जलते हैं. आखिर कैसे इसका मरम्मत किया जाता है कि यह एक से दो दिन ही चल पाता है. फिर खराब हो जाता है. मैदान में सुबह से ही काफी संख्या में लोग टहलने जाते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से इसका लाभ लेना चाहते हैं. पर प्रकाश नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है.

नहीं बंद की जाती है फ्लड लाइटें : चंदवा मोड़ के फ्लड लाइट को कभी बंद नहीं किया जाता है. दिन एवं रात दोनों समय जलते रहता है. इससे इसके खराब होने की संभावना बढ़ जाती है. नगर निगम की लापरवाही से यही स्थिति सभी फ्लड लाइट की है. राशि खर्च करके फ्लड लाइट लगवा दिया जाता है, पर इनको जलने एवं बंद होने की व्यवस्था नहीं की जाती है. ताकि अधिक समय तक खराब नहीं हो एवं लोगों को लाभ मिले. हालांकि लोगों का मानना है कि नगर निगम द्वारा जानबूझकर ऐसा किया जाता है. ताकि फ्लड लाइट खराब हो जाये, तो नया फ्लड लाइट लगाया जाये एवं राशि की उगाही की जाये. नगर निगम के संवेदनहीनता चरण पर है.

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Published by: Amlesh prasad

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