प्रखंड विकास पदाधिकारी संघ (BRDSA) के आह्वान पर सुरक्षा और सम्मान की मांग को लेकर तीसरे दिन भी तरारी के बीडीओ कुंदन कुमार ने काली पट्टी बांधकर कार्यालय में कार्य किया. संघ का कहना है कि प्रखंड विकास पदाधिकारी सरकार की योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसके बावजूद कई बार उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है.
संघ की प्रमुख मांगें
संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रशासन के समक्ष कई बिंदु रखे हैं:
- सुरक्षा उपकरण: प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बॉडी प्रोटेक्टर, दंगा नियंत्रण हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड और आर्म गार्ड जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं.
- सुरक्षाकर्मी: प्रत्येक बीडीओ के साथ स्थायी रूप से कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की जाए.
- चिकित्सा और बीमा: ड्यूटी के दौरान घायल होने पर उच्चस्तरीय अस्पताल में नि:शुल्क व संपूर्ण इलाज की व्यवस्था तथा मृत्यु या गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में विशेष क्षतिपूर्ति, बीमा सुरक्षा और परिवार को समुचित सहायता की स्पष्ट नीति बनाई जाए.
- पुलिस बल की तैनाती: संवेदनशील और जोखिमपूर्ण कार्यक्रमों या प्रतिनियुक्तियों से पहले पर्याप्त पुलिस बल, सुरक्षा प्रबंधन और संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति का सही आकलन नहीं करने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए.
'सुरक्षित अधिकारी, सशक्त प्रशासन' का नारा
संघ ने स्पष्ट किया है कि अधिकारी व्यवस्था के साथ हैं और अपना काम पूरी जिम्मेदारी से करेंगे, लेकिन अपमान और असुरक्षा के माहौल में काम करना मुश्किल है. “सुरक्षित अधिकारी, सशक्त प्रशासन” के नारे के साथ बीडीओ संघ ने कहा है कि सुरक्षा और सम्मान की मांग को लेकर यह सांकेतिक विरोध आगे के निर्णय तक जारी रहेगा.
