जॉब देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड सहित छह साइबर फ्रॉड गिरफ्तार

भोजपुर साइबर पुलिस द्वारा जॉब देने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का खुलासा किया गया है.

आरा. भोजपुर साइबर पुलिस द्वारा जॉब देने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का खुलासा किया गया है. गिरोह के मास्टर माइंड सहित छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. इनमें चार मधुबनी और दो दरभंगा के रहने वाले हैं. उनके पास से 27 एटीएम कार्ड, पांच पासबुक, दो चेक बुक, दो लैपटॉप, 14 सिम कार्ड और नौ मोबाइल बरामद किये गये हैं. गिरफ्तार साइबर अपराधियों में दरभंगा के मनीगाछी थाना क्षेत्र के मड़वाघाट बलुआ निवासी मो सुल्तान, मो फैजल, मधुबनी जिले के अंदराठाड़ी थाना क्षेत्र के गिदरगंज गांव निवासी दस्तगीर, मो शहनवाज, मो.तारिक अनवर और जमैला बाजार निवासी मो अनस शामिल हैं. मो सुल्तान गिरोह का मुखिया है. सभी को मधुबनी और दरभंगा से गिरफ्तार किया गया है. साइबर डीएसपी अबू सैफी मुर्तजा की ओर से शुक्रवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि शहर के नवादा चौक मोहल्ला निवासी युवती सरुचि कुमारी द्वारा क्विकर डॉट कॉम साइट पर जॉब के लिए आवेदन किया गया था. उसके बाद उससे जीएसटी सहित अन्य प्रकिया के पूरी करने के नाम पर 29 हजार आठ सौ रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली गयी थी. उसे लेकर युवती की ओर से 12 मई को साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी थी. उसे गंभीरता से लेते हुए मामले की छानबीन के लिए उनके नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी. टीम क वैज्ञानिक व तकनीकी विश्लेषण में मधुबनी के कुछ साइबर अपराधियों का नाम आया. उस आधार पर टीम की ओर से मधुबनी में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया. सभी ने ठगी की बात स्वीकार की ओर से पूछताछ में बताया कि उनकी एक टीम दरभंगा में भी काम करती है. उस आधार पर दरभंगा में भी छापेमारी कर दो साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों जगहों से लैपटॉप, एटीएम कार्ड, मोबाइल, बैंक पासबुक और चेकबुक अन्य सामान बरामद किए गए. डीएसपी ने बताया कि अबतक के अनुसंधान और पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि मधुबनी और दरभंगा जिले में ही इस गिरोह का संचालन किया जा रहा है. हालांकि पूरे गिरोह के बारे में पूरी जानकारी ली जा रही है. छापेमारी साइबर डीएसपी के नेतृत्व में गठित टीम में इंस्पेक्टर संजय कुमार पासी और दारोगा मो. अली सहित अन्य पुलिस कर्मी और टेक्निकल एक्सपर्ट शामिल थे. ठगी करने को बना ली थी जॉब कंपनी, एचआर से फील्ड मैनेजर तक कर रखे थे बहाल : बेरोजगार युवाओं से ठगी करने के लिए साइबर अपराधियों द्वारा फूलप्रूफ तैयारी की गयी थी. उसे लेकर बकायदा कॉरपोरेट अंदाज में जॉब कंपनी बना ली गयी थी. उसमें एचआर और फील्ड मैनेजर सहित अन्य पोस्ट भी बनाये गये थे. गिरोह में साइबर एक्स्पर्ट से लेकर नये लड़के तक शामिल हैं. अनुसंधान और गिरफ्तार साइबर ठगों से पूछताछ के बाद डीएसपी अबू सैफी मुर्तजा की ओर से यह जानकारी दी गयी. उन्होंने बताया कि गिरोह करीब डेढ़ साल से एक्टिव है. इसमें अपराधियों द्वारा कई लेवल पर काम किया जाता है. उसके लिए अलग-अलग लोगों को तैनात किया गया हैं. गिरोह में कुछ साइबर एक्सपर्ट हैं, जिन्होंने हरियाणा आदि शहरों से ट्रेनिंग ले रखी है. हालांकि युवाओं को फंसाने के लिए नये लड़कों को हायर किया जाता है. खासकर जॉब के लिए आवेदन करने वाले मधुबनी और दरभंगा जिले के लड़कों को हायर किया जाता है. उन लड़कों द्वारा जॉब के लिए आवेदन करने वालों को कॉल किया जाता है और प्रोसेस एवं फीस के बारे में जानकारी दी जाती है. उसके बाद युवाओं से ठगी की जाती है. डीएसपी के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा जॉब प्रोवाइड करने वाले साइट पर नजर रखी जाती है. युवाओं की ओर से जॉब के लिए आवेदन करने के बाद इस गिरोह के लोग सक्रिय हो जाते हैं और ठगी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है.

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Published by: Amlesh prasad

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