Siddhnath Shiv Temple Arrah: भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और करनामेपुर बाजार से लगभग तीन किलोमीटर उत्तर भीमपट्टी गांव के उत्तर स्थित श्री सिद्धनाथ बाबा यानी बैजू बाबा का प्राचीन शिव मंदिर आज क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. सावन के महीने में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. सावन की सोमवारी और महाशिवरात्रि के अवसर पर 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं.
घने जंगल के बीच मिला था शिवलिंग
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों पहले मंदिर के आसपास घना जंगल और झाड़ियां हुआ करती थीं. इसी दौरान लोगों की नजर यहां एक शिवलिंग पर पड़ी. शिवलिंग को लेकर ग्रामीणों में आस्था जगी और लोगों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी. धीरे-धीरे इसकी ख्याति आसपास के गांवों तक फैलने लगी.
बताया जाता है कि भीमपट्टी गांव के बैजू नामक एक युवक ने यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना शुरू की. बाद में वे संत श्री बैजू दास जी महाराज के नाम से प्रसिद्ध हुए. उनके जुड़ाव के बाद यह स्थान श्रद्धालुओं के बीच और अधिक प्रसिद्ध होता गया. इसी कारण बाबा को क्षेत्र में सिद्धनाथ बाबा के साथ बैजू बाबा के नाम से भी जाना जाता है.
सच्चे मन से मांगी मुराद पूरी होने की मान्यता
शिवभक्तों के बीच ऐसी मान्यता है कि सिद्धनाथ बाबा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है. यही आस्था दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालुओं को यहां खींच लाती है. सावन में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगने लगती है. महाशिवरात्रि पर भी मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं.
सालोंभर यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. सावन और शिवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में बदल जाता है. हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठता है.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवक रहते हैं तैनात
मंदिर के पुजारी संत श्री संतोष दास जी महाराज कहते हैं कि सिद्धनाथ बाबा की महिमा से कोई अपरिचित नहीं है. यहां आने वाला भक्त बाबा का आशीर्वाद लेकर ही लौटता है. श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है और विशेष पर्वों पर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं.
मंदिर कमेटी के सदस्य धनंजय पांडे ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवक लगाए जाते हैं. भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कराने में स्वयंसेवक सहयोग करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से मंदिर की सुरक्षा के लिए फिलहाल एक चौकीदार दिया गया है. सोमवारी और अन्य प्रमुख अवसरों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जरूरी है.
आस्था के साथ सुविधाओं के विस्तार की जरूरत
सिद्धनाथ शिव मंदिर की बढ़ती प्रसिद्धि के साथ यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, रोशनी, साफ-सफाई और भीड़ नियंत्रण की बेहतर व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी इस प्राचीन स्थल को विकसित किया जाए तो क्षेत्र की पहचान और मजबूत हो सकती है.
