श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से भगवान अनंत को किया नमन, बांधे अनंत सूत्र
उदवंंतनगर. अनंत चतुर्दशी के दिन श्रद्धालुओं ने पारंपरिक तरीके से भगवान अनंत (भगवान विष्णु) की पूजा अर्चना किया तथा व्रत रखा एवं ईश्वर से मंगल कामना किया. अनंत व्रत को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया. बच्चे, बूढ़े, जवान, महिला वर्ग के लोगों ने अनंत भगवान की पूजा किया. पवित्र नदियों में स्नान कर भक्तों ने पूरी श्रद्धा व पवित्रता के साथ मध्याह्न बेला में भगवान अनंत की कथा सुनी. कथा के उपरांत अनंत सूत्र बांधे. लोगों ने घरों में मिष्ठान भोजन का स्वाद चखा. देवालयों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समूह में पूजा अर्चना की गयी. जीरो माइल स्थित राधा कृष्ण मंदिर, कोहड़ा शिव मंदिर, बेलाउर सूर्य मंदिर सहित विभिन्न मंदिर प्रांगण में पूजा अर्चना किया गया. राधा कृष्ण धाम मंदिर जीरो माइल के ज्योति नारायणाचार्य ने बताया कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्षके चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी मनाने की परंपरा है. आज के दिन श्रद्धालु भक्तों द्वारा पूरी सादगी व पवित्रता के साथ अनंत चतुर्दशी व्रत रखा तथा पुजा अर्चना किया. मध्याह्न बेला में भक्तों को भगवान अनंत की कथा सुनायी गयी. भगवान अनंत ही भगवान विष्णु है. कथा सुनने के बाद श्रद्धालुओं ने चौदह गांठ वाले अनंत सूत्र बांधे. अनंत सूत्र के चौदह गांठ को चौदह भुवन का प्रतिक माना जाता है. राज्य से निष्कासित पांडव श्रेष्ठ युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से संकट मुक्ति का रास्ता पूछा।तब भगवान श्रीकृष्ण ने अनंत व्रत रखने, कथा सुनने तथा रक्षा सूत्र बांधने का विधान बताया. उसके बाद से ही संकट से निवारण हेतु भगवान अनंत (भगवान विष्णु) कथा की परम्परा है. अनंत चतुर्दशी के दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने राधा कृष्ण धाम में मंगल कामना हेतु अनंत कथा का श्रवण किया तथा चौदह गांठों वाले अनंत सूत्र को बांधा.
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