सिन्हा थाना क्षेत्र के कवल छपरा गांव में काली मंदिर के समीप बाढ़ के पानी में डूबने से 45 वर्षीय मजदूर वीरबहादुर यादव की मौत हो गयी. शुक्रवार की सुबह शौच के लिए निकली महिलाओं ने पानी में शव उपलाता देखा. महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को पानी से बाहर निकाला. इसके बाद घटना की सूचना सिन्हा थाना पुलिस को दी गयी.
दीवार से पैर फिसलने के बाद गहरे पानी में गिरे
ग्रामीणों के अनुसार, कवल छपरा गांव निवासी वीरबहादुर यादव गुरुवार की रात घर पर खाना खाने के बाद अपने डेरा पर सोने के लिए जा रहे थे. गांव में बाढ़ का पानी फैला हुआ था. पानी से बचने के लिए वह काली मंदिर के समीप बनी दीवार पर चढ़कर आगे बढ़ रहे थे. इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह दीवार के नीचे बाढ़ के पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गये. रात का समय होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था. पानी अधिक होने के चलते वह गड्ढे से बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गयी.
सुबह महिलाओं ने पानी में उपलाता देखा शव
शुक्रवार की सुबह शौच के लिए निकली महिलाओं ने पानी में शव उपलाता देखा. महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को पानी से बाहर निकाला. सूचना मिलने पर सिन्हा थानाध्यक्ष राजू कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, आरा भेज दिया.
मजदूरी कर परिवार का करते थे भरण-पोषण
मृतक की पहचान स्वर्गीय बद्री यादव के 45 वर्षीय पुत्र वीरबहादुर यादव के रूप में हुई है. वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी पत्नी का नाम शीला देवी है. मृतक की कोई संतान नहीं थी. घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. पत्नी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
आपदा राहत के तहत सहायता की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
