Barhara Health Workers Protest : बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के राज्य कार्यकारिणी के निर्णय के आलोक में शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बड़हरा में स्वास्थ्यकर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद संघ की ओर से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार को मांग पत्र सौंपा गया.
इस दौरान कर्मचारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर कार्यरत एएनएम की उपस्थिति पंचायत सरकार भवन में बायोमैट्रिक के माध्यम से दर्ज कराने और उसी आधार पर वेतन भुगतान करने के निर्देश का विरोध किया. संघ के प्रखंड मंत्री अरुण कुमार सिंह ने बताया कि 26 जुलाई 2026 को हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में सरकार के इस निर्णय सहित स्वास्थ्यकर्मियों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई थी.
बैठक में लिए गए निर्णय के तहत आठ अगस्त को राज्यव्यापी कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसी क्रम में बड़हरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को मजबूती से रखा.
दूर पंचायत सरकार भवन में जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
प्रदर्शन कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के आदेश के आलोक में कई जिलाधिकारियों एवं असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों की ओर से एएनएम को पंचायत सरकार भवन में बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है.
संघ का कहना है कि कई पंचायतों में पंचायत सरकार भवन स्वास्थ्य उपकेंद्र से काफी दूरी पर स्थित है. ऐसे में एएनएम को उपकेंद्र छोड़कर दूसरे स्थान पर उपस्थिति दर्ज कराने जाना पड़ेगा.
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कर्मचारियों ने आशंका जताई कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवा और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. साथ ही महिला स्वास्थ्यकर्मियों को आवागमन के दौरान सुरक्षा संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है.
बायोमेट्रिक व्यवस्था समाप्त करने और अन्य मांगें
संघ ने ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य उपकेंद्र पर कार्यरत एएनएम की पंचायत सरकार भवन में बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की, साथ ही पूर्व की व्यवस्था के अनुसार वेतन एवं अन्य भुगतान करने की मांग की गई.
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इसके अलावा एनएचएम कर्मियों द्वारा 22 जुलाई 2024 से दो सितंबर 2024 तक किए गए कार्य बहिष्कार की अवधि को उपार्जित अवकाश के रूप में स्वीकृत करने और उक्त अवधि के मानदेय का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई.
संघ ने एएनएम को मातृत्व अवकाश, स्वच्छता प्रमाण पत्र सहित अन्य अवकाशों की स्वीकृति के लिए निदेशालय पर निर्भरता समाप्त कर पूर्व की तरह सिविल सर्जन एवं अधीक्षक स्तर से आदेश जारी करने की व्यवस्था बहाल करने की मांग की.
लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग और उपस्थिति
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य लंबित एवं ज्वलंत मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की भी मांग की. कर्मचारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारu रखने के लिए एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को उनके कार्यस्थल पर ही आवश्यक सुविधाएं और स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
मौके पर बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रखंड मंत्री अरुण कुमार सिंह, प्रखंड उपाध्यक्ष धनंजय कुमार, संघर्ष मंत्री अरुण कुमार पांडेय, प्रखंड कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्यकर्मी और अन्य कर्मचारी मौजूद थे.
प्रखंड मंत्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपा गया है. संघ स्वास्थ्यकर्मियों की जायज मांगों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा.
